भुवनेश्वर, 31 अक्टूबर 2026: चक्रवाती तूफान अर्नब के बाद लगातार बारिश से दक्षिण ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन का संकट गहरा गया है। विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने शनिवार की प्रेस वार्ता में चार मौतों की पुष्टि की। उनके मुताबिक कंधमाल जिले के रायिकिया क्षेत्र में भूस्खलन से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान गई, जबकि गजपति में उफनते पानी में बहने से एक व्यक्ति की मौत हुई।
गंजाम जिले के भंजनगर ब्लॉक के गिड़िपाबाली गांव में बड़े भूस्खलन के बाद 12 लोग अब भी लापता हैं। मलबे में फँसे लोगों की तलाश के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स और अग्निशमन दलों के कर्मी अभियान चला रहे हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और चिकित्सा सहायता पहुँचा रहा है।
गंजाम में बाढ़ का असर, राहत शिविर सक्रिय
प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी के अनुसार फिलहाल बाढ़ की स्थिति गंजाम जिले तक सीमित है। रुषिकुल्या नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया गया है और जलाका नदी का स्तर भी घटा है। गंजाम में सड़क संपर्क लगभग सभी गांवों तक बहाल कर दिया गया है; एक गांव अब भी कटा हुआ है, जहाँ राहत सामग्री पहुँचाने की व्यवस्था की जा रही है।
जिले में 367 राहत शिविर खोले गए हैं। आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक गंजाम में 1,05,622 और गजपति में 21,782 लोग प्रभावित हुए हैं। गंजाम के आस्का क्षेत्र में बिजली बहाली का काम जारी था; जिले के 80 से 85 प्रतिशत बिजली ढाँचे की बहाली की जानकारी दी गई।
14 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केंद्र ने शनिवार के लिए 14 जिलों में भारी बारिश का पीला अलर्ट जारी किया है। दक्षिण ओडिशा में बारिश जारी रहने के बीच प्रशासन ने बचाव और राहत अभियान तेज रखे हैं। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा सलाह पर ध्यान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 30 अक्टूबर को गंजाम और गजपति के बाढ़ प्रभावित हिस्सों का हवाई सर्वेक्षण किया था। हवाई सर्वेक्षण के बाद राज्य सरकार ने गंजाम में राहत और बचाव कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर की।
देश की आवाज़ न्यूज डेस्क