श्रीनगर, 13 सितंबर। जम्मू-कश्मीर विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार शनिवार को आयोजित वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में पूरे केंद्रशासित प्रदेश के 23,213 मामले आपसी सहमति से निपटाए गए। 163 पीठों के सामने कुल 32,908 मामले रखे गए थे। इनके निपटारे से जुड़ी समझौता और मुआवजा राशि लगभग 176.22 करोड़ रुपये बताई गई है।
श्रीनगर जिला अदालत परिसर में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी और विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने लोक अदालत का उद्घाटन किया। जम्मू जिला अदालत में न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल ने कार्यवाही शुरू कराई।
सुनवाई में मोटर दुर्घटना मुआवजा दावे, पारिवारिक और दीवानी विवाद, चेक अनादरण, श्रम, बिजली-पानी बिल, बैंक वसूली और समझौते योग्य आपराधिक मामले शामिल थे। श्रीनगर जिले की 11 पीठों ने 9,888 में से 9,394 मामलों का निपटारा किया; जिला स्तर की समझौता राशि लगभग 111.14 करोड़ रुपये रही।
प्राधिकरण के अनुसार 2026 की चौथी और अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत 12 दिसंबर को निर्धारित है। जिन लोगों के मामले इस बार सूचीबद्ध या निपटाए नहीं जा सके, वे अगली लोक अदालत के लिए संबंधित विधिक सेवा संस्था से जानकारी ले सकते हैं।