कोलकाता, 11 सितंबर 2026। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान करने वाला संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया है। मीडिया के अनुसार विधेयक के पक्ष में 171 और विरोध में 15 मत पड़े।
उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने विशेष सत्र में पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय एवं कॉलेज (प्रशासन और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य 2017 के मौजूदा कानून की धारा 14ए में नया प्रावधान जोड़ना है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर राज्य से सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों का स्थानांतरण हो सके।
सरकार का कहना है कि अनुभवी शिक्षकों को नए और अपेक्षाकृत कमजोर विश्वविद्यालयों में भेजने से उनकी शैक्षणिक क्षमता मजबूत होगी तथा सेवा शर्तें, वरिष्ठता और अन्य अधिकार सुरक्षित रखे जाएंगे। विधेयक में 21 विश्वविद्यालयों के भविष्य निधि प्रबंधन के लिए एक समान कानूनी ढाँचे का प्रावधान भी बताया गया है।
शिक्षक संगठनों और कुछ शिक्षाविदों ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शोध परियोजनाओं और नियुक्ति की मूल सेवा शर्तों पर असर पड़ने की आशंका जताई है। सरकार ने कहा है कि शोधार्थियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
