सोलर मॉड्यूल निर्माता Vikram Solar को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में विकसित हो रहे एक बड़े सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए 124 मेगावाट के मॉड्यूल सप्लाई करने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को शेयर बाजार को इस ऑर्डर की जानकारी दी। मॉड्यूल की आपूर्ति अक्टूबर 2026 से शुरू करने की योजना है।
ऑर्डर में कौन-से मॉड्यूल शामिल हैं
इस प्रोजेक्ट में Vikram Solar अपने G12R TOPCon मॉड्यूल उपलब्ध कराएगी। प्रत्येक मॉड्यूल की क्षमता 620 Wp से 630 Wp के बीच होगी। TOPCon तकनीक सौर सेल की दक्षता बढ़ाने और बड़े यूटिलिटी-स्केल संयंत्रों में उपलब्ध जगह से अधिक बिजली उत्पादन हासिल करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। 124 मेगावाट का यह ऑर्डर ऐसे प्रोजेक्ट के लिए है जहां बड़ी संख्या में उच्च क्षमता वाले मॉड्यूल लगाए जाएंगे।
कंपनी ने ऑर्डर का वित्तीय मूल्य सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए इसे केवल क्षमता के आधार पर समझना उचित है; 124 MW से सीधे राजस्व या लाभ का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। वास्तविक आय मॉड्यूल की कीमत, आपूर्ति की शर्तों और परियोजना की समय-सारिणी पर निर्भर करेगी।
7.9 GW की मौजूदा ऑर्डर बुक
30 जून 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 7.9 GW थी। इसके मुकाबले नया 124 MW ऑर्डर करीब 0.124 GW के बराबर है। कंपनी की वार्षिक मॉड्यूल निर्माण क्षमता 15.5 GW तक पहुंच चुकी है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी बड़े घरेलू सौर प्रोजेक्ट के लिए उत्पादन और आपूर्ति का दायरा बढ़ा रही है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर नागपाल के अनुसार, नया ऑर्डर कंपनी की विनिर्माण क्षमता, तकनीक और आपूर्ति प्रदर्शन में ग्राहक के भरोसे को दिखाता है। उन्होंने कहा कि देश में सौर ऊर्जा की मांग बढ़ने के साथ डेवलपर ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो बड़े स्तर पर उन्नत मॉड्यूल उपलब्ध करा सकें।
शेयर ने खबर पर कैसी प्रतिक्रिया दी
ऑर्डर की घोषणा के बाद दोपहर के कारोबार में Vikram Solar का शेयर लगभग एक प्रतिशत मजबूत होकर करीब ₹167 पर पहुंचा। हालांकि शेयर अपने पुराने ऊंचे स्तर से काफी नीचे था। कंपनी का आईपीओ अगस्त 2025 में ₹332 के इश्यू प्राइस पर आया था। सितंबर 2025 में शेयर ने करीब ₹408 का उच्च स्तर बनाया, जबकि 7 अगस्त 2026 को ₹155 का निचला स्तर दर्ज हुआ। चलती बाजार कीमतें बंद होने तक बदल सकती हैं।
कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹6,000 करोड़ के आसपास था। प्रमोटर हिस्सेदारी 63.01 प्रतिशत, विदेशी संस्थागत हिस्सेदारी 3.37 प्रतिशत और घरेलू संस्थागत हिस्सेदारी 4.04 प्रतिशत बताई गई। शेष करीब 29.60 प्रतिशत हिस्सेदारी खुदरा और अन्य निवेशकों के पास थी।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है
नया ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक में इजाफा करता है, लेकिन आगे की तस्वीर आपूर्ति पूरी होने की गति, मॉड्यूल की कीमत, कच्चे माल की लागत और मार्जिन से तय होगी। निवेशक आगामी तिमाहियों में ऑर्डर से होने वाले राजस्व, क्षमता उपयोग और भुगतान की प्रगति पर नजर रखेंगे। शेयर की एक दिन की तेजी को लंबी अवधि के कारोबारी प्रदर्शन का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता।
आपूर्ति कार्यक्रम पर रहेगी नजर
ऑक्टूबर 2026 से आपूर्ति शुरू होना इस ऑर्डर का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है। मॉड्यूल भेजने की वास्तविक गति परियोजना स्थल की तैयारी, लॉजिस्टिक्स और ग्राहक की चरणबद्ध जरूरत पर निर्भर करेगी। कंपनी ने अभी ऑर्डर पूरा होने की अंतिम तारीख, ग्राहक का नाम और अनुबंध की रकम नहीं बताई है। इसलिए आने वाले एक्सचेंज अपडेट में इन बिंदुओं पर स्पष्टता निवेशकों के लिए उपयोगी होगी।
G12R आकार वाले 620–630 Wp मॉड्यूल बड़े संयंत्र में प्रति यूनिट अधिक क्षमता देते हैं। इससे डेवलपर को समान परियोजना क्षमता के लिए जरूरी मॉड्यूल की संख्या, संरचना और केबलिंग की योजना बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि किसी प्रोजेक्ट का वास्तविक बिजली उत्पादन धूप, तापमान, डिजाइन, इन्वर्टर दक्षता और संचालन पर भी निर्भर करता है। केवल मॉड्यूल की घोषित क्षमता से संयंत्र के अंतिम उत्पादन की गारंटी नहीं मिलती।



