रायपुर: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम अचल संपत्ति के पंजीयन पर शुल्क में 50 प्रतिशत छूट लागू होने के बाद महिला खरीदारों के नाम दर्ज संपत्ति दस्तावेजों की संख्या 40 हजार पार हो गई है। पंजीयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार रियायत लागू होने के करीब चार महीनों में महिलाओं के नाम 40,886 से अधिक दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं।
आठ सितंबर तक कुल 1.60 लाख रजिस्ट्रियां
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 8 सितंबर तक राज्य में कुल 1,60,981 संपत्तियों का पंजीयन हुआ। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 1,42,187 थी। यानी इस बार 18,794 अधिक दस्तावेज पंजीकृत हुए और कुल बढ़ोतरी 13.2 प्रतिशत दर्ज की गई।
पंजीयन शुल्क चार से घटकर दो प्रतिशत
महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से जुड़े दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में आधी छूट मई 2026 से लागू है। इससे सामान्य चार प्रतिशत पंजीयन शुल्क घटकर दो प्रतिशत हो गया। यह रियायत स्टांप ड्यूटी से अलग पंजीयन शुल्क पर लागू होती है, इसलिए संपत्ति खरीदारों को दस्तावेज और पात्रता की शर्तें पंजीयन कार्यालय से जांचनी चाहिए।
जुलाई और अगस्त में तेज बढ़ोतरी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जुलाई में संपत्ति पंजीयन पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत और अगस्त में 38 प्रतिशत बढ़ा। सरकार ने परिवार के भीतर दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे से जुड़े दस्तावेजों का पंजीयन शुल्क भी घटाकर 500 रुपये किया है। अधिकारियों का कहना है कि शुल्क रियायत और प्रक्रिया के सरलीकरण से पंजीयन बढ़े हैं।
त्योहारी अवधि के लिए कार्यालयों को निर्देश
गणेश चतुर्थी से दिवाली तक संपत्ति की खरीद-बिक्री बढ़ने की संभावना को देखते हुए पंजीयन कार्यालयों को विशेष तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री की व्यवस्था करने की बात कही गई है। आने वाले महीनों के आंकड़े बताएंगे कि महिला स्वामित्व और कुल पंजीयन में यह बढ़त कितनी टिकाऊ रहती है।
आधिकारिक जानकारी: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क बजट दस्तावेज
