बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार प्रस्तावित बेंगलुरु टनल रोड की उस अलाइनमेंट में बदलाव पर विचार कर रही है जो लालबाग के पास से गुजरती है। पर्यावरणविदों और पार्क प्रेमियों ने करीब तीन अरब वर्ष पुरानी पेनिनसुलर नाइस चट्टान तथा लालबाग के पर्यावरण पर संभावित असर को लेकर आपत्ति जताई है।
यह मुद्दा मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा की मौजूदगी में ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी की दूसरी बैठक में उठा। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों को टनल रोड के प्रवेश और निकास बिंदुओं तथा रैंप को पार्क से दूर करने के फायदे और नुकसान का आकलन करने को कहा गया है।
सरकार ने पहले 16.7 किलोमीटर लंबी परियोजना के लिए लालबाग की करीब पांच एकड़ जमीन लेने का प्रस्ताव रखा था। परियोजना की अनुमानित लागत 16,980 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार विकल्पों की पड़ताल कर रही है।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की एक विशेषज्ञ समिति ने इससे पहले लालबाग के राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक के पास प्रस्तावित टनल बोरिंग मशीन शाफ्ट की स्थिति की स्वतंत्र समीक्षा की सिफारिश की थी। फिलहाल अलाइनमेंट बदलने का अंतिम फैसला घोषित नहीं हुआ है।
इसी बैठक में ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने आउटर रिंग रोड के लिए 450 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजना और व्हाइट-टॉपिंग से जुड़े प्रस्तावों समेत 11 योजनाओं को मंजूरी दी।
