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हल्दी बीज के अनुदान में बिल और खेत की जांच जरूरी, छत्तीसगढ़ ने रखा नया क्षेत्र लक्ष्य

हल्दी की फसल और उपज दिखाती छत्तीसगढ़ की किसान का सांकेतिक दृश्य

रायपुर, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ ने 2026–27 में मसाला फसलों का क्षेत्र बढ़ाने के लिए हल्दी को 1,300 हेक्टेयर में लगाने का लक्ष्य रखा है। उद्यानिकी विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के लिए 620 लाख रुपये, यानी 6.20 करोड़ रुपये, का बजट प्रावधान है। यह पूरे कार्यक्रम की राशि है; किसी एक किसान के लिए 6.20 करोड़ रुपये का अनुदान नहीं।

बीज खरीदने से पहले प्रक्रिया समझें

विभाग ने स्पष्ट किया है कि हल्दी के बीज की आपूर्ति सीधे संचालनालय या जिला कार्यालय से नहीं की जाती। पात्र किसान द्वारा खरीदे गए बीज के बिल और जरूरी कागजों की जांच तथा खेत में फसल का भौतिक सत्यापन होने के बाद प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से अनुदान दिया जाता है। इसलिए बिना बिल के खरीद या केवल किसी एजेंट के मौखिक आश्वासन पर भुगतान की उम्मीद न रखें। अपने जिले के उद्यानिकी कार्यालय से पात्रता, स्वीकृत क्षेत्र और आवेदन की वर्तमान प्रक्रिया की पुष्टि करें।

योजना के तहत अब तक लगभग 138 लाख रुपये, यानी 1.38 करोड़ रुपये, किसानों के खातों में भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है। यह अब तक का समेकित भुगतान है, प्रत्येक आवेदक की सहायता राशि नहीं। किसी किसान को मिलने वाला लाभ उसके स्वीकृत क्षेत्र, दस्तावेज और सत्यापन पर निर्भर होगा।

हल्दी क्षेत्र बढ़ाने का उद्देश्य

सरकार फसल विविधीकरण के जरिए पारंपरिक फसलों पर एकमात्र निर्भरता घटाना चाहती है। हल्दी का क्षेत्र बढ़ने पर स्थानीय मसाला प्रसंस्करण को कच्चा माल मिल सकता है, लेकिन बाजार मूल्य और वास्तविक मुनाफा पहले से तय नहीं हैं। किसान बीज की गुणवत्ता, जल निकासी, रोग प्रबंधन, मजदूरी और स्थानीय खरीदारों की उपलब्धता देखकर खेती का निर्णय लें।

भारी वर्षा की आशंका में रोपाई वाले खेत में पानी ठहरने से बचाना जरूरी है। राज्यवार मौसम अनुमान में छत्तीसगढ़ के लिए 12 सितंबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा और अगले दिनों में व्यापक बारिश का संकेत है। यह जिला-विशेष सलाह का विकल्प नहीं है; स्थानीय उद्यानिकी अधिकारी और ताजा चेतावनी देखकर काम करें। योजना की पात्रता, अंतिम तिथि या प्रति हेक्टेयर दर की पुष्टि के बिना कोई निश्चित संख्या न मानें।