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भारत का मौसम 11 सितंबर: 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का राज्यवार पूर्वानुमान

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026। देश के कई हिस्सों में आज बारिश का दायरा बना रहेगा। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से पर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसूनी हवाओं के असर से ओडिशा, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य भारत के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। यह राज्यवार पूर्वानुमान 10 सितंबर को दोपहर 1 बजे जारी राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन में 11 सितंबर के लिए दिए गए संकेतों पर आधारित है।

उत्तर भारत में उत्तराखंड सबसे अधिक सक्रिय रहेगा, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश का फैलाव सीमित रह सकता है। पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश जारी रहने के आसार हैं। स्थानीय बादल तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए तेज बारिश वाले जिलों में ताजा चेतावनी देखकर ही यात्रा या खेत का काम तय करें।

उत्तर भारत का राज्यवार मौसम

  • उत्तराखंड: अधिकांश इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। कहीं-कहीं भारी बारिश होने से पहाड़ी सड़कों, नालों और भूस्खलन प्रभावित मार्गों पर सावधानी जरूरी है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गरज वाले बादल बनने पर खुले खेतों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचें।
  • हरियाणा: छिटपुट बारिश या गरज-चमक संभव है। दिन के अधिकांश समय मौसम मिला-जुला रह सकता है।
  • पंजाब: कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं; व्यापक भारी बारिश का संकेत नहीं है।
  • हिमाचल प्रदेश: अलग-अलग इलाकों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है। पर्वतीय यात्राओं में स्थानीय अलर्ट पर ध्यान दें।
  • राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कहीं-कहीं बौछार या गरज-चमक संभव है। अधिकांश जिलों में बारिश का फैलाव सीमित रहने के आसार हैं।

मध्य और पश्चिम भारत

  • मध्य प्रदेश: पूर्वी हिस्से में कई स्थानों पर बारिश और कहीं-कहीं भारी वर्षा का अनुमान है। पश्चिमी हिस्से में बारिश अपेक्षाकृत बिखरी रहेगी, लेकिन कुछ जिलों में तेज दौर आ सकता है।
  • छत्तीसगढ़: अधिकांश इलाकों में बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की आशंका है, इसलिए निचले क्षेत्रों और नदी-नालों के पास सतर्क रहें।
  • महाराष्ट्र: विदर्भ में व्यापक बारिश और कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। कोंकण-गोवा में भी कई स्थानों पर बारिश रहेगी; मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बिखरी बारिश तथा तेज हवा के साथ गरज संभव है।
  • गुजरात: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 12 सितंबर से बारिश की गतिविधि बढ़ने का संकेत है।
  • गोवा: अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं। समुद्र तट और घाट क्षेत्रों में तेज बौछार के दौरान दृश्यता घट सकती है।

पूर्वी भारत

  • ओडिशा: अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होगी और कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की आशंका है। जलभराव, कमजोर सड़कों और बिजली गिरने के खतरे से सावधान रहें।
  • पश्चिम बंगाल: गंगा के मैदानी हिस्से और उप-हिमालयी जिलों में कई स्थानों पर बारिश संभव है। कुछ जिलों में भारी बारिश का दौर आ सकता है।
  • झारखंड: कई स्थानों पर बारिश तथा कहीं-कहीं भारी वर्षा के आसार हैं। गरज-चमक के समय खेतों में खुले स्थान से दूर रहें।
  • बिहार: छिटपुट से बिखरी बारिश और गरज-चमक संभव है। जिलेवार बारिश में बड़ा अंतर रह सकता है।
  • सिक्किम: कई स्थानों पर बारिश और कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। पहाड़ी मार्गों पर फिसलन और छोटे भूस्खलन का जोखिम रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत

  • अरुणाचल प्रदेश: कुछ स्थानों पर बारिश होगी और कहीं-कहीं भारी वर्षा संभव है। पहाड़ी तथा नदी घाटी क्षेत्रों में सतर्कता रखें।
  • असम: अनेक स्थानों पर बारिश और कुछ इलाकों में भारी वर्षा का अनुमान है। निचले क्षेत्रों में जलस्तर पर नजर रखें।
  • मेघालय: व्यापक बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। ढलानों तथा कमजोर रास्तों पर सावधानी बरतें।
  • नागालैंड: कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक संभव है। 12 सितंबर से भारी बारिश का जोखिम बढ़ सकता है।
  • मणिपुर: अनेक इलाकों में बौछार और गरज-चमक के आसार हैं। अगले दिन से तेज बारिश की संभावना बढ़ सकती है।
  • मिजोरम: कई स्थानों पर बारिश होगी। 12 सितंबर से कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर बन सकता है।
  • त्रिपुरा: अधिकांश हिस्सों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं; 12 सितंबर से भारी बारिश की संभावना बढ़ेगी।

दक्षिण भारत

  • आंध्र प्रदेश: तटीय जिलों में व्यापक बारिश और कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है। रायलसीमा में बिखरी बारिश तथा गरज-चमक के आसार हैं।
  • तेलंगाना: अनेक स्थानों पर बारिश और कहीं-कहीं भारी वर्षा संभव है। तेज हवा के साथ गरज वाले बादल भी बन सकते हैं।
  • कर्नाटक: तटीय, उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होगी। तटीय पट्टी में बारिश का फैलाव अधिक रह सकता है।
  • केरल: अधिकांश इलाकों में बारिश की संभावना है। कहीं-कहीं तेज बौछार और गरज-चमक हो सकती है।
  • तमिलनाडु: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक संभव है। जिलेवार अंतर काफी रह सकता है।

सभी आठ केंद्रशासित प्रदेशों का पूर्वानुमान

  • दिल्ली: सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री और न्यूनतम 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
  • चंडीगढ़: बादल और छिटपुट बौछार या गरज-चमक संभव है। बारिश का फैलाव सीमित रह सकता है।
  • जम्मू और कश्मीर: अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक हो सकती है। पहाड़ी मार्गों पर स्थानीय मौसम देखकर निकलें।
  • लद्दाख: कुछ इलाकों में हल्की वर्षा या गरज वाले बादल संभव हैं; मौसम तेजी से बदल सकता है।
  • दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव: गुजरात क्षेत्र की तरह कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले दिन बारिश बढ़ने के संकेत हैं।
  • पुदुचेरी: तमिलनाडु तट के साथ कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक संभव है।
  • लक्षद्वीप: कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। समुद्री गतिविधियों में स्थानीय चेतावनी का पालन करें।
  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह: अनेक स्थानों पर बारिश या गरज-चमक का अनुमान है। कुछ समय के लिए तेज बौछार हो सकती है।

किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी बात

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेत से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें और कटी उपज को खुले में न छोड़ें। गरज-चमक के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले मैदान से दूर रहें। यह क्षेत्रीय पूर्वानुमान है; किसी जिले में बादल बनने की गति बदलने पर स्थानीय स्थिति अलग हो सकती है।

दोपहर का ताजा मौसम अपडेट

11 सितंबर की दोपहर में दोबारा जाँच के बाद ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना बरकरार है। पश्चिम बंगाल के गंगा-मैदानी और उप-हिमालयी हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है। ऊपर दिया गया सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों का पूर्वानुमान आज के लिए लागू है, लेकिन जिलेवार स्थिति तेजी से बदल सकती है।

  • ओडिशा: कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई इलाकों में बारिश और कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। जलभराव वाले मार्गों, कमजोर पुलियों और उफनते नालों से दूर रहें।
  • छत्तीसगढ़: राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बन सकता है। खेत से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें और कटी उपज सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • पश्चिम बंगाल: गंगा के मैदानी हिस्सों तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम क्षेत्र में भारी बारिश व गरज-चमक का जोखिम है। बिजली कड़कने पर खुले खेत, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी रखें।
  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह: 0.9 से 1.6 मीटर ऊंची और 16 से 18 सेकंड अवधि वाली लंबी लहरों का अलर्ट 12 सितंबर रात 11:30 बजे तक बढ़ाया गया है। नाव चलाने और समुद्र तट की मनोरंजक गतिविधियों में विशेष सतर्कता रखें। सुबह जारी 12 घंटे की हवा और बंदरगाह संकेत वाली अवधि 11 सितंबर दोपहर 2:30 बजे समाप्त हो गई, इसलिए उस सूचना को मौजूदा चेतावनी नहीं माना गया है।
  • तमिलनाडु तट: कन्याकुमारी और रामनाथपुरम के कुछ तटीय हिस्सों में 1.2 से 1.4 मीटर ऊंची लंबी अवधि की लहरों की चेतावनी 11 सितंबर रात 11:30 बजे तक प्रभावी है।
  • लक्षद्वीप: अगत्ती, अमिनी, एंड्रोथ, कवरत्ती और मिनिकॉय में 1.1 से 1.7 मीटर ऊंची लंबी अवधि की लहरों का अलर्ट 11 सितंबर रात 11:30 बजे तक प्रभावी है।

मछुआरे, छोटी नावों के संचालक और समुद्र तट पर जाने वाले लोग प्रस्थान से ठीक पहले स्थानीय प्रशासन और बंदरगाह की नई चेतावनी देखें। तेज बारिश या गरज के दौरान दृश्यता अचानक घट सकती है।