बेंगलुरु: कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागों ने सरकारी तथा निजी मेडिकल कॉलेजों से तालुक अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ जुड़कर विशेषज्ञ सेवाएँ देने को कहा है। विभागीय परिपत्र के आधार पर सामने आए विवरण के अनुसार हर मेडिकल कॉलेज से कम-से-कम एक सामुदायिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनाने को कहा गया है।
योजना में स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थीसिया और हड्डी रोग जैसी विशेषज्ञ सेवाओं को नजदीकी केंद्रों तक पहुँचाना शामिल है। आवश्यकता के अनुसार सलाहकार डॉक्टर, वरिष्ठ रेजिडेंट और स्नातकोत्तर प्रशिक्षु तय दिन पर ओपीडी चलाएंगे। प्रस्ताव है कि मासिक कार्यक्रम पहले से घोषित हो ताकि स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की पहचान और पंजीकरण कर सकें।
इस कदम का उद्देश्य मरीजों को सामान्य विशेषज्ञ सलाह के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज तक लंबी यात्रा से राहत देना और बड़े अस्पतालों का दबाव घटाना है। परिपत्र जारी होने से हर केंद्र पर सेवा तत्काल शुरू हो जाने की पुष्टि नहीं होती; संबंधित कॉलेजों और विभागों के बीच समझौते तथा स्थानीय ओपीडी समयसारिणी अलग से तय होगी।