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वाशिम में सोयाबीन सूखने की शिकायत, किसानों ने खेतों का पंचनामा मांगा

सूखे से प्रभावित सोयाबीन का सांकेतिक दृश्य

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में सोयाबीन की खड़ी फसल सूखने की शिकायतें सामने आई हैं। कारंजा, मानोरा, रिसोड और मालेगांव के ग्रामीण इलाकों के किसान बारिश में लंबे अंतराल को वजह बता रहे हैं। अरहर और कपास की फसल पर भी असर की आशंका है, लेकिन जिले भर में नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी उपलब्ध नहीं है।

पांघरी धनकुटे में किसानों की मांग

मालेगांव तहसील के पांघरी धनकुटे गांव के किसान अनिल राठोड ने अपनी सूखी सोयाबीन दिखाकर प्रशासन से खेतों का पंचनामा कराने और सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि खेती पर किया गया खर्च डूबने का डर है। किसान ललिता चव्हाण ने बताया कि उन्होंने उपलब्ध साधनों से सिंचाई पर भी पैसा लगाया, फिर भी फसल नहीं संभल सकी। ये प्रभावित किसानों के बयान हैं; कितने एकड़ में कितना उत्पादन घटेगा, इसका सत्यापित आंकड़ा सामने नहीं आया है।

सर्वे से स्पष्ट होगा नुकसान

इलाके के किसानों के मुताबिक पिछले करीब डेढ़ महीने से पर्याप्त बारिश नहीं हुई। उनका कहना है कि सोयाबीन के साथ अरहर और कपास भी दबाव में हैं। खेत के स्तर पर फसल की हालत अलग-अलग हो सकती है, इसलिए मुआवजे या नुकसान का आकार सर्वे और सरकारी पंचनामे के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रभावित किसान स्थानीय कृषि कार्यालय या तहसील प्रशासन को अपने खेत की स्थिति और बुवाई का विवरण देकर सर्वे की जानकारी ले सकते हैं। अभी किसी भुगतान या जिले में सूखा घोषित होने की पुष्ट सूचना नहीं है।