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लातूर में सोयाबीन और टमाटर की नमी घटने पर किसान राहत पैकेज चाहते हैं

सूखी सोयाबीन और टमाटर की फसल देखते किसान का सांकेतिक दृश्य

लातूर, 13 सितंबर 2026। जिले के किसानों ने बारिश की कमी से प्रभावित खरीफ फसलों के लिए सरकार से विशेष राहत पैकेज मांगा है। रविवार को किसानों ने कहा कि लंबे सूखे दौर के कारण कई हिस्सों में सोयाबीन, टमाटर और दूसरी खरीफ फसलों की हालत बिगड़ी है। बुआई के बाद निकले पौधे भी खेत में नमी घटने से सूख रहे हैं। यह किसानों का हालात और संभावित नुकसान का विवरण है; पूरे जिले के लिए अधिकृत फसल-नुकसान आकलन अभी सामने नहीं आया है।

किस बात की चिंता है?

किसानों के अनुसार यदि खेत में जल्द पर्याप्त नमी नहीं लौटी तो इस मौसम में उनकी उपज और आय पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आने वाले समय में पीने के पानी की उपलब्धता पर भी चिंता जताई है। फसल के प्रकार, बोआई की तारीख, मिट्टी और स्थानीय वर्षा के अनुसार वास्तविक नुकसान बदल सकता है। कितने गाँव या कितने हेक्टेयर प्रभावित हैं, इसकी प्रमाणित संख्या अभी उपलब्ध नहीं है।

राहत पैकेज की मांग और उसे मंजूरी मिलना अलग बातें हैं। राज्य सरकार ने इस मांग पर कोई पैकेज या भुगतान राशि घोषित की हो, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। किसान अपनी फसल की मौजूदा स्थिति, बोआई और खर्च से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें ताकि किसी आधिकारिक सर्वे या आवेदन की स्थिति में जानकारी दे सकें। सर्वे की प्रक्रिया या मुआवजे की पात्रता तय होने पर संबंधित प्रशासन की सूचना ही मान्य होगी।

बारिश का अनुमान नुकसान का आकलन नहीं

भारत मौसम विज्ञान विभाग की 13 सितंबर की राष्ट्रीय विज्ञप्ति में महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना बताई गई है। इस क्षेत्रीय पूर्वानुमान से यह नहीं माना जा सकता कि लातूर के हर प्रभावित खेत को जरूरी पानी मिल गया है या फसल का नुकसान स्वतः दूर हो जाएगा। वास्तविक राहत स्थानीय वर्षा और फसल की आगे की स्थिति से पता चलेगी। महाराष्ट्र समेत सभी राज्यों का मौसम पूर्वानुमान अलग से देखें।

किसानों की मांग पर अगला ठोस कदम जिला स्तर का फसल और जलस्थिति आकलन तथा सरकार का औपचारिक निर्णय होगा। फिलहाल नुकसान की आशंका को निश्चित आर्थिक हानि या घोषित सूखा स्थिति के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।