तिरुवनंतपुरम, 13 सितंबर। केरल सरकार ने सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक सेवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से एल्डर-फ्रेंडली ऑफिस सर्टिफिकेशन (EFOC) योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार गांव और तालुका कार्यालयों से लेकर अस्पतालों, बैंकों और परिवहन काउंटरों तक संस्थानों का तय मानकों पर आकलन होगा।
प्रमाणन के लिए बिना सीढ़ी वाला प्रवेश, भूतल पर शौचालय, वरिष्ठ नागरिकों की प्राथमिकता वाली कतार और उनकी मदद के लिए नामित अधिकारी अनिवार्य होंगे। इन शर्तों के बिना कुल अंक अच्छे होने पर भी प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। मूल्यांकन के आधार पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज श्रेणियां दी जाएंगी। प्रमाणन निश्चित अवधि के बाद नवीकृत करना होगा और कुछ कार्यालयों का बिना पूर्व सूचना निरीक्षण भी होगा।
पहले चरण में मानक तय करने और मूल्यांकन एजेंसियों को सूचीबद्ध करने के बाद प्रत्येक जिले में एक कार्यालय, यानी कुल 14 कार्यालयों पर पायलट चलाने की योजना है। दूसरे वर्ष में इसे राज्यभर के गांव, तालुका और कलेक्टरेट कार्यालयों, कोषागार, आरटीओ और सरकारी अस्पतालों तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। निजी अस्पताल और फार्मेसी स्वैच्छिक आधार पर जुड़ सकेंगे। योजना लागू होने से लंबी कतार, ऊपरी मंजिलों पर स्थित काउंटर और असुगम प्रवेश जैसी दिक्कतें कम करने का लक्ष्य है।