11 सितंबर की मौलिक तर्क-पहेली
पुरानी हवेली में अनया को एक संदूक मिला। उस पर तीन अंकों वाला ताला था और बगल में उसके दादाजी की पर्ची रखी थी:
“ताले के तीनों अंक अलग हैं और कोई भी शून्य नहीं है। तीनों अंकों का जोड़ 12 है। पहला अंक आखिरी अंक का दोगुना है। बीच का अंक आखिरी अंक से 4 अधिक है।”
अनया ने बिना ताला तोड़े संदूक खोल लिया। ताले का सही कोड क्या था?
उत्तर पढ़ने से पहले पर्ची के चारों संकेत एक साथ लगाकर देखिए।
उत्तर और पूरा तर्क देखें
सही कोड 462 है।
आखिरी अंक को क मानें। पहला अंक 2क और बीच का अंक क + 4 होगा। कुल जोड़: 2क + क + 4 + क = 12। इसलिए 4क = 8 और क = 2। पहला अंक 4, बीच का 6 और आखिरी 2 हुआ। तीनों अलग हैं, कोई शून्य नहीं है और 4 + 6 + 2 = 12 है। सभी संकेत पूरे होते हैं।