पूरा भारत · हिन्दी
▤   पूरा भारतदेश की आवाज़पूरी तस्वीरराष्ट्रीय संस्करण
⌖ पूरा भारत

तुलसीदास की रचनात्मक यात्रा पर ‘रामबोला’, लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी करेंगे

तुलसीदास की रचनाओं और फिल्म निर्माण का सांकेतिक दृश्य

‘हनुमान अंश’ के बाद लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने एक नए जीवनी विषय की फिल्म चुनी है। ‘रामबोला’ नाम की परियोजना महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जीवनयात्रा पर आधारित होगी। 14 सितंबर को इसकी घोषणा हुई। चतुर्वेदी कहानी लिखेंगे और फिल्म का निर्देशन भी करेंगे। यह अभी फिल्म बनाने की घोषणा है; कलाकारों या सिनेमाघरों में आने की तारीख का एलान नहीं हुआ है।

कहानी के केंद्र में क्या है?

परियोजना से जुड़ी जानकारी में तुलसीदास की भक्ति, कवि के रूप में उनकी यात्रा और उनकी रचनाओं की विरासत को फिल्म का विषय बताया गया है। इससे इतना स्पष्ट है कि निर्माताओं का ध्यान केवल किसी एक जीवन प्रसंग पर नहीं, साहित्यिक और आध्यात्मिक योगदान पर भी है। पर्दे पर किस दौर, स्थान या घटना को कितना समय मिलेगा, यह घोषणा अभी नहीं बताती। इसलिए फिल्म की विस्तृत कहानी का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।

तुलसीदास की सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में ‘रामचरितमानस’ है। अवधी में रची इस रामकथा ने भक्ति साहित्य और लोक परंपरा में गहरी जगह बनाई। तुलसीदास का जीवन बताने वाली फिल्म के सामने यह चुनौती भी होगी कि रचना, आस्था और इतिहास से जुड़े पहलुओं को स्पष्ट ढंग से प्रस्तुत करे। घोषणा में रचनाओं की विरासत पर जोर है, लेकिन स्क्रीनप्ले उस विरासत को किस रूप में दिखाएगा, यह आगे की जानकारी से ही समझा जा सकेगा।

परियोजना में कौन जुड़े हैं?

फिल्म महावीर जैन फिल्म्स के साथ बनाई जा रही है। महावीर जैन, विशाल चतुर्वेदी, अमित उपाध्याय और रघुवेंद्र सिंह निर्माता के रूप में जुड़े बताए गए हैं। चतुर्वेदी का लेखन और निर्देशन दोनों संभालना इस घोषणा की खास बात है। उनकी पिछली फिल्म ‘हनुमान अंश’ भी एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व की कहानी लेकर आई थी; नए विषय में तुलसीदास के साहित्यिक योगदान को जगह देने की बात कही गई है। दोनों फिल्मों के बीच यही विषयगत संबंध अभी दिखाई देता है।

‘रामबोला’ की शूटिंग कब शुरू होगी, मुख्य भूमिकाएँ कौन निभाएगा और रिलीज किस अवधि में होगी—इन सवालों के उत्तर अभी बाकी हैं। किसी अपुष्ट नाम या तारीख को इस घोषणा का हिस्सा मानना सही नहीं होगा। फिलहाल फिल्म का नाम, तुलसीदास पर आधारित विषय, चतुर्वेदी की दो जिम्मेदारियाँ और घोषित निर्माण टीम ही ठोस विवरण हैं।