श्रीनगर, 16 सितंबर। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीर (SKUAST-K) के वैज्ञानिकों ने श्रीनगर के एक कृषि खेत में पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस नामक आक्रामक खरपतवार मिलने के बाद किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय ने इसे शुरुआती चेतावनी बताया है और खेतों में नियमित पहचान तथा निगरानी पर जोर दिया है।
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार यह खरपतवार तेजी से बढ़ता और बहुत बीज बनाता है। आसपास की फसल और स्थानीय वनस्पति की वृद्धि दब सकती है। शोध के मुताबिक इसके बीज कश्मीर की सर्दी में मिट्टी में बचे रह सकते हैं और वसंत में अंकुरित होकर शरद ऋतु से पहले फिर बीज बना सकते हैं। इस पहचान का अर्थ पूरे क्षेत्र में व्यापक संक्रमण का दावा नहीं है।
दूषित मिट्टी, कृषि मशीनरी, पानी, वाहनों तथा बीज या चारे के माध्यम से इसके फैलने की आशंका है। SKUAST-K के विशेषज्ञों ने शीघ्र पहचान, उचित तरीके से हटाने और लंबे समय की निगरानी पर जोर दिया है। किसानों को संदिग्ध पौधा मिलने पर स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी या विश्वविद्यालय की सलाह लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
