स्पर्श पेंशन व्यवस्था में भारतीय वायुसेना और नौसेना से जुड़े 1,45,182 विसंगतिपूर्ण मामलों का निवारण पूरा कर लिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने 15 सितंबर की विज्ञप्ति में बताया कि रक्षा लेखा विभाग ने विशेष अभियान के तहत इन मामलों की जाँच और संबंधित कार्यालयों के बीच समन्वय करके यह काम किया।
दोनों सेवाओं के चिह्नित मामले पूरे
मंत्रालय के अनुसार वायुसेना के 1,12,638 और नौसेना के 32,544 मामलों का सामान्यीकरण हुआ है। दोनों सेवाओं की इन श्रेणियों में निवारण का स्तर शत-प्रतिशत बताया गया है। ये आँकड़े अभियान में शामिल विसंगतिपूर्ण पेंशन मामलों के हैं; इन्हें सभी प्रकार की पेंशन शिकायतों के खत्म होने की घोषणा के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
थलसेना के मामलों पर काम जारी
भारतीय सेना से संबंधित 3,94,779 चिह्नित मामलों में से 3,90,336 का निवारण किया गया है। मंत्रालय ने इस प्रगति को 98.8 प्रतिशत बताया है। दिए गए दोनों आँकड़ों का अंतर 4,443 है, इसलिए थलसेना की इस श्रेणी का काम अभी पूर्ण घोषित नहीं किया गया है।
स्पर्श का पूरा नाम सिस्टम फॉर पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन–रक्षा है। विभाग ने अभियान के दौरान मामलों की बारीकी से समीक्षा और अलग-अलग कार्यालयों के समन्वय को काम पूरा होने का आधार बताया। विज्ञप्ति में रक्षा लेखा महानियंत्रक तथा प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक (पेंशन) की भूमिका का भी उल्लेख है।
यह रिकॉर्ड सुधार का अपडेट है
घोषणा पेंशन मामलों में विसंगतियाँ दूर करने की प्रगति से संबंधित है। इसमें नई पेंशन दर, अतिरिक्त नकद लाभ या सभी पेंशनरों के खाते में भुगतान जारी करने की अलग घोषणा नहीं है। इसलिए किसी व्यक्तिगत मामले में राशि बढ़ने या बकाया मिलने का निष्कर्ष केवल इन कुल आँकड़ों से नहीं निकाला जा सकता।

