हरियाणा में खरीफ सीजन की दालों और तिलहन की खरीद को लेकर तैयारी तेज हो गई है। राज्य में मूंग की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर 2026 से 38 मंडियों में शुरू होगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बुधवार को खरीद व्यवस्था, अनुमानित उत्पादन, न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी इंतजाम, भंडारण और एजेंसियों की तैयारी की समीक्षा की।
सरकार के अनुसार 2026-27 के लिए छह फसलों मूंग, अरहर, उड़द, तिल, मूंगफली और सोयाबीन का कुल अनुमानित उत्पादन 52,761 टन आंका गया है। इनमें मूंग का अनुमान 34,326 टन और मूंगफली का 16,456 टन है। तिल का अनुमान 1,222 टन, अरहर का 567 टन, उड़द का 164 टन और सोयाबीन का 26 टन बताया गया है।
मूंग की खरीद 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलेगी। सोयाबीन की खरीद 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक सात मंडियों में और मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक सात मंडियों में की जाएगी। अरहर, उड़द और तिल की खरीद 1 दिसंबर से शुरू होगी। अरहर के लिए 22, उड़द के लिए 10 और तिल के लिए 27 मंडियां तय की गई हैं।
मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल, अरहर का 8,450 रुपये, उड़द का 8,200 रुपये, तिल का 10,346 रुपये, मूंगफली का 7,517 रुपये और सोयाबीन का 5,708 रुपये प्रति क्विंटल तय है। हाफेड, एचएसडब्ल्यूसी, नेफेड और एनसीसीएफ को समय पर खरीद, भंडारण और बारदाने की उपलब्धता को लेकर निर्देश जारी किए जाएंगे।
समीक्षा में बताया गया कि रबी 2025-26 सीजन से हरियाणा में पीएसएस खरीद किसानों की बायोमेट्रिक पहचान के साथ पीओएस मशीनों के माध्यम से की जा रही है।