देश की आवाज़ न्यूज डेस्क | आइजोल, 19 सितंबर 2026। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 18 सितंबर को सरकार की आजीविका और संस्थागत ऋण सहायता योजना ‘बना काइह’ का तीसरा चरण शुरू किया। उन्होंने विदेश में रोजगार पाने के लिए खर्च उठाने में युवाओं की मदद हेतु अलग ऋण घटक लाने की योजना बताई। यह सुविधा फिलहाल प्रस्तावित है; आवेदन की शर्तें और शुरुआत की तारीख घोषित होने की पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के अनुसार पहले दो चरणों में मुख्यमंत्री विशेष पैकेज के तहत 7,275 लाभार्थी शामिल हुए। 5,368 परिवारों को सहायता पर ₹33.51 करोड़ खर्च किए गए। ऋण घटक में चुने गए 823 संभावित लाभार्थियों में से 509 के लिए बैंकों ने ₹46.37 करोड़ मंजूर किए हैं, जबकि 314 आवेदनों पर मंजूरी शेष है।
वित्त वर्ष 2026-27 में योजना के लिए ₹350 करोड़ का प्रावधान है। इसमें अदरक, हल्दी और झाड़ू बनाने वाली फसल समेत पाँच प्रमुख उपज की सरकारी खरीद के लिए ₹150 करोड़ निर्धारित बताए गए हैं। 8 सितंबर तक अदरक समर्थन-मूल्य कार्यक्रम में 11,655 कृषक परिवारों को ₹50.68 करोड़ भुगतान की जानकारी अधिकारियों ने दी।
योजना के तहत सरकार कुछ परियोजना ऋणों की गारंटी और ब्याज सहायता देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपरिहार्य कारणों से असफल परियोजनाओं के लाभार्थियों के पुनर्वास का प्रस्ताव भी तीसरे चरण का हिस्सा है। किसानों और छोटे उद्यमियों को ऋण या अनुदान के लिए केवल जारी आधिकारिक दिशा-निर्देश, पात्रता और साझेदार बैंक की प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए; सभी प्रस्तावित सुविधाएँ तुरंत उपलब्ध मानना गलत होगा।