सहकारी मॉडल पर आधारित भारत टैक्सी का उत्तर प्रदेश के पाँच शहरों में विस्तार हुआ है। लखनऊ में 23 सितंबर को हुए कार्यक्रम के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, इन शहरों में लगभग 40 हजार चालकों का पंजीकरण हो चुका है।
चालकों को साझेदार बनाने का मॉडल
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कार्यक्रम में कहा कि इस व्यवस्था में चालक केवल सवारी पहुँचाने वाला सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था का भागीदार भी है। उन्होंने कमाई का अधिकतम हिस्सा चालकों तक पहुँचाने और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को इस मॉडल का उद्देश्य बताया।
मंत्रालय ने पंजीकृत चालकों के जल्द सेवा देने की बात कही है। पंजीकरण की संख्या को सभी वाहनों के एक साथ सड़क पर उपलब्ध होने का आँकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
लखनऊ में संस्थागत समझौते
कार्यक्रम के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस ने भारत टैक्सी के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मोहोल के मुताबिक, देशभर में भारत टैक्सी से 10 लाख से अधिक चालक और लगभग 40 लाख यात्री जुड़े हैं तथा रोज करीब 20 हजार राइड हो रही हैं। ये आँकड़े मंत्री द्वारा कार्यक्रम में बताए गए; उत्तर प्रदेश के पाँच नए शहरों के अलग परिचालन आँकड़े नहीं दिए गए हैं।



