सेबी बोर्ड ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए कमोडिटी डेरिवेटिव में भागीदारी का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी है। 24 सितंबर 2026 को मुंबई में हुई बैठक में REIT और InvIT की यूनिटों पर डिपॉजिटरी रिसीट जारी करने का रास्ता बनाने तथा पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं के नए नियम लाने के प्रस्ताव भी स्वीकृत हुए। इन फैसलों में निवेश के नए विकल्पों के साथ निकासी, ग्राहक की सहमति और परिचालन संबंधी शर्तें रखी गई हैं।
यह बोर्ड की स्वीकृतियों की जानकारी है। इसे सभी नए विकल्पों में तुरंत कारोबार शुरू होने की घोषणा नहीं समझना चाहिए। खास तौर पर REIT–InvIT डिपॉजिटरी रिसीट का विस्तृत ढाँचा संशोधन अधिसूचित होने के बाद अलग परिपत्र से तय किया जाएगा।
सेबी बोर्ड ने FPI के लिए क्या मंजूर किया
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी FPI अब ऐसे गैर-कृषि सूचकांक डेरिवेटिव में भाग ले सकेंगे, जिनके अंतर्निहित अनुबंध नकद निपटान वाले हों या न हों। इसके अलावा गैर-कृषि कमोडिटी के ऐसे डेरिवेटिव अनुबंधों में भागीदारी को मंजूरी है जिनका निपटान केवल नकद में नहीं होता। उद्देश्य कमोडिटी डेरिवेटिव बाजार में तरलता बढ़ाना है।
इसके साथ डिलीवरी का दायित्व पैदा होने से पहले FPI की पोजीशन समाप्त करने का सुरक्षा प्रबंध रखा गया है। विज्ञप्ति के अनुसार टेंडर अवधि में प्रवेश से पहले, यानी अनुबंध की एक्सपायरी से तीन दिन पहले निकलने की व्यवस्था होगी। T-3 दिन से पोजीशन बढ़ाने की अनुमति भी नहीं होगी। यह कृषि कमोडिटी में व्यापक प्रवेश की मंजूरी नहीं है।
कारोबार शुरू करने से पहले FPI को ट्रेडिंग सदस्य या ट्रेडिंग-कम-क्लियरिंग सदस्य के साथ समझौता करना होगा। इसमें पोजीशन बंद करने या बची हुई पोजीशन सदस्य को हस्तांतरित होने की व्यवस्था शामिल होगी। हस्तांतरण के लिए एक्सचेंज की घोषित क्लोजिंग या दैनिक निपटान कीमत का आधार रखा गया है। ऐसा हस्तांतरण लागू वैधानिक शुल्कों वाला ट्रेड माना जाएगा।
REIT–InvIT से विदेशी पूंजी जुटाने का नया रास्ता
रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्टों की यूनिटों के आधार पर डिपॉजिटरी रिसीट जारी करने के लिए सक्षम प्रावधान मंजूर हुआ है। प्रारंभिक व्यवस्था में इन रिसीट का निर्गम और सूचीबद्धता भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र, यानी IFSC में होगी। अनिवासी भारतीयों समेत विदेशी निवेशकों को इनमें निवेश का अवसर देने की परिकल्पना है।
डिपॉजिटरी रिसीट मूल यूनिटों से जुड़ा निवेश साधन होगा। हालांकि, निर्गम की पूरी प्रक्रिया और परिचालन शर्तों के लिए अलग विस्तृत नियमों का इंतजार है। इसलिए इस फैसले के आधार पर किसी विशेष ट्रस्ट का निर्गम या उसमें तय रिटर्न घोषित नहीं हुआ है।
यूनिटधारकों की वोटिंग और निकासी में बदलाव
कुछ निर्धारित मामलों में 75% मंजूरी का आधार कुल बकाया यूनिटों की जगह वास्तव में डाले गए वोट होंगे। स्पॉन्सर से संबंधित बदलावों में असहमत यूनिटधारक उन लोगों को माना जाएगा, जिन्होंने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया है। केवल वोट न देने से निकासी का पात्र विरोधी यूनिटधारक नहीं माना जाएगा। नोटिस में स्पष्ट करना होगा कि लागू होने पर निकासी विकल्प विरोध में वोट देने वालों को मिलेगा।
कई स्पॉन्सर वाले ट्रस्ट में एक स्पॉन्सर के निकलने पर एग्जिट ऑफर की जिम्मेदारी बाहर जाने वाले या बने रहने वाले स्पॉन्सर अथवा उनकी समूह इकाई ले सकती है। ऑफर में दी गई सभी यूनिट स्वीकार करने और इससे न्यूनतम सार्वजनिक यूनिटधारिता घटने पर एक वर्ष में अनुपालन बहाल करने का प्रावधान मंजूर हुआ है। दूर स्थित साझा बुनियादी ढाँचे को भी REIT की रियल एस्टेट परिभाषा में शामिल करने की स्वीकृति है।
PMS में नए विकल्प, ग्राहक की सहमति जरूरी
पोर्टफोलियो मैनेजर नियमों की समीक्षा में IPO और ऋण बाजार के प्राथमिक निर्गम में निवेश की अनुमति शामिल है। विवेकाधीन पोर्टफोलियो प्रबंधन में ग्राहक की सहमति से उसकी प्रबंधित संपत्ति के 10% तक निवेश-योग्य रेटिंग वाले गैर-परिवर्तनीय, गैर-सूचीबद्ध ऋण साधनों में निवेश का प्रावधान मंजूर हुआ है।
म्यूचुअल फंड की डायरेक्ट योजनाओं में पोर्टफोलियो मैनेजर के माध्यम से निवेश के लिए PRIM नामक मार्ग भी प्रस्तावित नए ढाँचे का हिस्सा है। इसमें न्यूनतम निवेश ₹25 लाख होगा। निश्चित प्रबंधन शुल्क की अधिकतम सीमा ग्राहक की प्रबंधित संपत्ति का 1% रखी गई है; प्रदर्शन आधारित शुल्क का मॉडल भी अनुमत होगा। निवेशक के लिए संबंधित सेवा की पात्रता, समझौते और वास्तविक शुल्क को अलग से समझना जरूरी रहेगा।
विज्ञापन के लिए साझा नियम, सेलिब्रिटी प्रचार पर शर्त
सेबी बोर्ड ने निर्धारित विनियमित संस्थाओं के लिए कॉमन एडवर्टाइजमेंट कोड यानी CAC को भी मंजूरी दी है। इसके दायरे में स्टॉक ब्रोकर, डिपॉजिटरी प्रतिभागी, निवेश सलाहकार, रिसर्च एनालिस्ट, ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रदाता, पोर्टफोलियो मैनेजर और म्यूचुअल फंड अथवा परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियाँ शामिल हैं। यह अलग-अलग संस्थाओं के लिए बने मौजूदा विज्ञापन ढाँचों को एक साझा व्यवस्था में लाने का फैसला है।
ब्रांड या संस्था के स्तर पर प्रचार में सेलिब्रिटी का इस्तेमाल पूर्व मंजूरी और सुरक्षा शर्तों के अधीन अनुमत होगा। अन्य विज्ञापनों में अनिवार्य पूर्व मंजूरी की व्यवस्था हटाने के साथ विज्ञापन जारी होने के तीन कार्यदिवस के भीतर रिपोर्टिंग जरूरी होगी। इसलिए इसे हर तरह के प्रचार को बिना निगरानी अनुमति मिलना नहीं समझना चाहिए।
पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी द्वारा दी गई रेटिंग और रैंकिंग का विज्ञापन करने की अनुमति भी प्रस्तावित ढाँचे में है। नियमित तथ्यात्मक तथा निवेशक सेवा से जुड़े संदेशों को प्रचार सामग्री से अलग पहचानने के लिए ऐसे संचार की उदाहरणात्मक सूची रखी गई है जिन्हें विज्ञापन नहीं माना जाएगा।
विदेशी प्रतिभूतियों और डेरिवेटिव में PMS का दायरा
विवेकाधीन PMS में एक्सचेंज पर कारोबार वाले डेरिवेटिव में ग्राहक की प्रबंधित संपत्ति के 1.25 गुना तक निवेश की लचीलापन देने की स्वीकृति है। विवेकाधीन और गैर-विवेकाधीन, दोनों प्रकार की पोर्टफोलियो सेवाओं में विदेशी प्रतिभूतियों में निवेश सक्षम करने का फैसला भी हुआ है।
अनुमत विदेशी साधनों में सूचीबद्ध शेयर, ऋण, REIT, विदेशी म्यूचुअल फंड, ETF, इंडेक्स फंड और विदेशी सरकारी ऋण शामिल हैं। ये निवेश विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून और रिजर्व बैंक की उदारीकृत प्रेषण योजना की शर्तों के अधीन होंगे। यह बोर्ड की मंजूरी का विवरण है; वास्तविक सेवा की उपलब्धता और लागू शर्तों की पुष्टि संबंधित अधिसूचना तथा पोर्टफोलियो मैनेजर से करनी होगी।



