RBI ने तीन अलग मामलों में Hero Fincorp, KLM Axiva Finvest और Ola Financial Services पर कुल ₹15.80 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक की 24 सितंबर को जारी घोषणाओं में ब्याज वसूली, गिरवी सोने की नीलामी से मिली अतिरिक्त रकम लौटाने और ग्राहकों की जोखिम श्रेणी तय करने से जुड़ी कमियों का उल्लेख है।
तीनों कार्रवाइयों का आधार और निरीक्षण अवधि अलग है। जुर्माने की कुल रकम को ग्राहकों को हुई हानि या उन्हें मिलने वाले मुआवजे की राशि नहीं समझना चाहिए। RBI ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई नियामकीय अनुपालन की कमियों पर आधारित है और इससे ग्राहकों के साथ किसी लेनदेन या समझौते की वैधता पर निर्णय नहीं दिया गया है।
किस कंपनी पर कितना RBI जुर्माना?
| कंपनी | जुर्माना | मुख्य निष्कर्ष |
|---|---|---|
| Hero Fincorp Limited | ₹10 लाख | कुछ ऋण खातों से अतिरिक्त ब्याज लिया गया |
| KLM Axiva Finvest Limited | ₹2.70 लाख | सोने की नीलामी की बची रकम कुछ उधारकर्ताओं को नहीं लौटाई गई |
| Ola Financial Services Private Limited | ₹3.10 लाख | कुछ ग्राहकों का जोखिम वर्गीकरण नहीं किया गया |
Hero Fincorp और KLM Axiva के आदेश 22 सितंबर के हैं। Ola Financial Services के मामले में आदेश 24 सितंबर को पारित किया गया। तीनों घोषणाएँ 24 सितंबर को सार्वजनिक की गईं; यह अलग-अलग आदेशों का संयुक्त विवरण है।
ब्याज और गोल्ड लोन के मामलों में क्या मिला?
Hero Fincorp की जाँच उसकी 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर हुई थी। RBI ने कुछ ऋण खातों से अतिरिक्त ब्याज लिए जाने का निष्कर्ष दर्ज किया। यह ऋणदाताओं की उचित व्यवहार संहिता के तहत ब्याज लेने संबंधी निर्देशों से जुड़ा मामला है। घोषणा में प्रभावित खातों की संख्या या अतिरिक्त ब्याज की कुल रकम नहीं बताई गई है।
KLM Axiva का निरीक्षण भी 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर किया गया। RBI के अनुसार, गिरवी रखे सोने के आभूषणों की नीलामी से ऋण बकाये से अधिक जो रकम प्राप्त हुई, वह कुछ उधारकर्ताओं को नहीं लौटाई गई। इस मामले में ₹2.70 लाख का दंड नीलामी प्रक्रिया संबंधी निर्देशों के अनुपालन से जुड़ा है।
दोनों कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। केंद्रीय बैंक ने जवाब, अतिरिक्त प्रस्तुतियाँ और व्यक्तिगत सुनवाई में दी गई बातों पर विचार करने के बाद संबंधित आरोपों को सिद्ध पाया और जुर्माना लगाया।
Ola Financial Services में KYC की कमी
Ola Financial Services की जाँच जनवरी से नवंबर 2025 की संचालन अवधि के संदर्भ में हुई। RBI ने पाया कि कंपनी कुछ ग्राहकों का जोखिम वर्गीकरण नहीं कर सकी थी। कार्रवाई ग्राहक को जानिए यानी KYC से जुड़े निर्देशों के तहत की गई है। इस मामले में भी कंपनी का जवाब और सुनवाई में रखी गई बातें देखी गईं।
यह आदेश भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम के तहत है, जबकि बाकी दो आदेश भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के प्रावधानों के तहत हैं। इसे Ola समूह की दूसरी कंपनियों पर लगा जुर्माना नहीं समझना चाहिए।
RBI ने यह भी कहा है कि इन मौद्रिक दंडों से आगे की संभावित कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी। उपलब्ध घोषणाएँ अपने आप सभी ग्राहकों के खाते, ऋण या भुगतान सेवा बंद होने की सूचना नहीं हैं।



