21 अक्टूबर, शाम का अपडेट: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार से दो दिन की सामूहिक आकस्मिक छुट्टी लेकर राज्यभर में प्रदर्शन शुरू किया। कर्मचारी संगठनों ने चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय और मोहाली में पुडा भवन के पास सभा रखी, जबकि जिलों में उपायुक्त कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया गया। गुरुवार, 22 अक्टूबर को भी आंदोलन जारी रहने की घोषणा है।
इससे सरकारी कार्यालयों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है। परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि कुछ कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त कार्रवाई को समर्थन दिया है। जिले और विभाग के अनुसार भागीदारी तथा असर अलग हो सकता है; इसे सभी स्कूल, दफ्तर या सेवाएं बंद होने का आदेश न समझें।
कर्मचारियों की मांगें
कर्मचारी संगठनों ने लंबित महंगाई भत्ता बकाये की 18 प्रतिशत राशि जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, वेतन विसंगतियां दूर करने और कच्चे व आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है। उनकी अन्य मांगों में 2.59 गुणांक लागू करना, सुनिश्चित करियर प्रगति के लाभ बहाल करना और सेवा तथा वेतन से जुड़े पुराने आदेश वापस लेना शामिल है।
मंगलवार को कर्मचारी संघों ने 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक आकस्मिक अवकाश और प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था। आज का अपडेट कार्यक्रम के शुरू होने और राज्यव्यापी प्रदर्शन की जानकारी जोड़ता है।
नागरिक अपने स्कूल, कार्यालय या संबंधित सेवा केंद्र से स्थानीय स्थिति की पुष्टि करके निकलें।