TVS Motor Q2 FY27 के नतीजों में सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही के लिए अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री दर्ज की। कंपनी ने 28 अक्टूबर को जारी नतीजों में बताया कि उसका स्टैंडअलोन कारोबार राजस्व, लाभ और वाहन बिक्री—तीनों में बढ़ा। इसके साथ ही बोर्ड ने उपभोक्ता वित्त और उससे जुड़े कारोबार को अलग holding company में रखने की योजना मंजूर की है। यह योजना अभी प्रस्तावित है और लागू होने से पहले जरूरी मंजूरियां बाकी हैं।
स्टैंडअलोन और समूह के नतीजे अलग-अलग
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का राजस्व ₹17,103 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹11,905 करोड़ से 44 प्रतिशत अधिक है। कर-पश्चात लाभ 52 प्रतिशत बढ़कर ₹1,377 करोड़ हुआ। EBITDA ₹2,219 करोड़ तक पहुंचा, इसमें 47 प्रतिशत वृद्धि हुई; EBITDA मार्जिन 13 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 12.7 प्रतिशत से 0.3 प्रतिशत अंक ऊपर है।
समेकित नतीजों में समूह की परिचालन आय ₹19,474.44 करोड़ रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹14,051.22 करोड़ थी। कंपनी के मालिकों के हिस्से का समेकित लाभ ₹1,194.51 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल करीब 50 प्रतिशत अधिक है। स्टैंडअलोन और समेकित लाभ के आंकड़े अलग दायरे दिखाते हैं; इसलिए उन्हें एक ही माप समझना ठीक नहीं होगा।
वाहन मात्रा में दोपहिया और इलेक्ट्रिक मॉडल आगे
कंपनी ने तिमाही में कुल 19.19 लाख दोपहिया और तिपहिया वाहन बेचे, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के लगभग 15.07 लाख से 27 प्रतिशत अधिक हैं। मोटरसाइकिलों की बिक्री 28 प्रतिशत बढ़कर करीब 8.58 लाख और स्कूटरों की बिक्री 29 प्रतिशत बढ़कर 8.25 लाख रही। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 1,86,186 इकाई तक पहुंची; पिछले साल यह 80,009 इकाई थी। तिपहिया बिक्री 47 प्रतिशत बढ़कर 78,475 इकाई हुई।
ये मात्रा आंकड़े बताते हैं कि वृद्धि केवल एक वाहन श्रेणी तक सीमित नहीं थी। फिर भी, बिक्री में बढ़त अपने आप आगे के मुनाफे की गारंटी नहीं देती। आने वाले समय में उत्पाद मिश्रण, प्रतिस्पर्धा, लागत और मांग की निरंतरता परिणामों को प्रभावित करेगी।
वित्त कारोबार अलग रखने की प्रस्तावित योजना
बोर्ड की मंजूर Composite Scheme के तहत उपभोक्ता वित्त और संबंधित कारोबार को अलग holding company में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। योजना के मुताबिक TVS Motor के शेयरधारकों को परिणामी कंपनी में उतनी ही संख्या में शेयर मिलेंगे, जितने उनके पास TVS Motor के होंगे। योजना में पूर्ण स्वामित्व वाली TVS Motor Services के कंपनी में विलय का प्रस्ताव भी शामिल है।
समूह ने कहा है कि अलग मंच से वित्त कारोबार को पूंजी आवंटन और रणनीति पर अधिक केंद्रित तरीके से काम करने की गुंजाइश मिलेगी, जबकि वाहन कंपनी का ध्यान mobility कारोबार पर रहेगा। यह कंपनी का घोषित उद्देश्य है; वास्तविक लाभ और संगठनात्मक बदलाव योजना लागू होने के बाद ही मापे जा सकेंगे।
यह व्यवस्था अभी पूरी नहीं हुई है। वैधानिक, नियामकीय, शेयरधारक और अन्य लागू मंजूरियां आवश्यक हैं। इसलिए शेयरधारकों को प्रस्ताव को अंतिम वितरण या तत्काल कारोबारी बदलाव नहीं मानना चाहिए। इस तिमाही की बिक्री और मुनाफे के आंकड़े मजबूत रहे, लेकिन निवेश संबंधी निर्णय केवल एक तिमाही या कंपनी की योजना के आधार पर नहीं किए जाने चाहिए।



