पूरा भारत · हिन्दी
▤   पूरा भारतदेश की आवाज़पूरी तस्वीरराष्ट्रीय संस्करण
⌖ पूरा भारत

अदाणी समूह का बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से अधिक निवेश का लक्ष्य, 2035 तक की योजना

अदाणी समूह की बंगाल निवेश योजना के लिए अस्पताल, बंदरगाह और ऊर्जा ढाँचे का सांकेतिक चित्र

अदाणी समूह ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक निवेश की योजना घोषित की है। गौतम अदाणी ने 24 सितंबर को कोलकाता के पास न्यू टाउन में अस्पताल परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। प्रस्तावित विस्तार में बिजली, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल ढाँचे जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

यह आने वाले वर्षों का निवेश रोडमैप है। घोषणा का अर्थ यह नहीं है कि पूरी राशि खर्च हो चुकी है या सभी परियोजनाएँ चालू हो गई हैं। समूह की योजना अपने पारंपरिक बंदरगाह और ऊर्जा कारोबार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं तथा डेटा सेंटर में भी उपस्थिति बढ़ाने की है।

अदाणी समूह किन क्षेत्रों में विस्तार करेगा?

घोषित योजना में बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण शामिल हैं। सड़कों, पुलों, ग्रीन सीमेंट तथा बड़े डेटा सेंटर भी निवेश के दायरे में रखे गए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में कितनी रकम लगेगी, इसका विस्तृत बँटवारा इस घोषणा में नहीं दिया गया है।

कोलकाता में अस्पताल परियोजना की शुरुआत

न्यू टाउन के बंगाल सिलिकॉन वैली टेक हब में बनने वाले अदाणी आरोग्य मंदिर की क्षमता 2,000 बेड रखने की योजना है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसकी आधारशिला रखी। अदाणी फाउंडेशन की इस परियोजना पर ₹4,000 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्तावित है। परिसर में मेडिकल कॉलेज और शोध सुविधाएँ भी होंगी।

पहलू घोषित योजना
राज्य में निवेश की अवधि 2035 तक
कुल प्रस्तावित निवेश ₹1 लाख करोड़ से अधिक
अस्पताल की नियोजित क्षमता 2,000 बेड
अस्पताल परियोजना में निवेश ₹4,000 करोड़ से अधिक

रोजगार और सेवाओं के लक्ष्य अभी अनुमान

समूह का अनुमान है कि अस्पताल और उससे जुड़े स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 10,000 रोजगार बनेंगे। इसे वर्तमान भर्ती या भरी जा चुकी नौकरियों की संख्या नहीं समझना चाहिए। नियोजित अस्पताल की शुरुआत शिलान्यास से हुई है; मरीजों के लिए सेवाएँ चालू होने की तारीख इस घोषणा में नहीं बताई गई है।

अदाणी के मुताबिक, 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर उन लोगों के लिए रखे जाएँगे जो केंद्र या राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के पात्र हैं। इसलिए इस प्रावधान को सभी मरीजों के लिए बिना शर्त मुफ्त इलाज की घोषणा मानना सही नहीं होगा।