बिलासपुर, 15 सितंबर 2026। एम्स बिलासपुर से लिए गए पेरिटोनियल डायलिसिस घोल के दो नमूने सरकारी प्रयोगशाला की गुणवत्ता जांच में मानक से नीचे पाए गए हैं। बद्दी स्थित दवा परीक्षण प्रयोगशाला के अनुसार दोनों नमूने बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन की निर्धारित सीमा पर खरे नहीं उतरे। दवा नियंत्रण अधिकारियों ने प्रभावित बैचों के स्टॉक की वापसी की प्रक्रिया शुरू की है।
जांच में 1.5 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत डेक्सट्रोज वाले घोल के नमूनों में बाहरी कण भी पाए गए। प्रभावित बैच नंबर A25D043 और A25E044 हैं। नमूने एम्स बिलासपुर से जुलाई में लिए गए थे; बाद की प्रयोगशाला जांच के आधार पर उन्हें मानक गुणवत्ता का नहीं माना गया।
राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि भारत के औषधि महानियंत्रक और राज्यों के दवा अधिकारियों को चेतावनी भेजी गई है। अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि अस्पताल में मिला घोल किस आपूर्ति रास्ते से पहुँचा था। मरीज या देखभालकर्ता बैच नंबर की जानकारी अपने इलाज करने वाले अस्पताल या चिकित्सक से साझा करें। इलाज या डायलिसिस व्यवस्था में कोई बदलाव चिकित्सकीय सलाह के बिना न करें।
