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आंध्र प्रदेश ने केंद्रीय योजनाओं के फंड खर्च पर बढ़ाई सख्ती, 1 दिसंबर तक सुधार पूरे करने का निर्देश

अमरावती: आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि के बेहतर इस्तेमाल, रद्द हुई मंजूरियों की वापसी और अतिरिक्त केंद्रीय प्रोत्साहन हासिल करने के लिए विभागों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। वित्त विभाग ने जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा में कहा कि 2026-27 के दौरान राज्य में 86 केंद्र प्रायोजित योजनाएं लागू हैं।

राज्य के लिए 25,304 करोड़ रुपये का केंद्रीय आवंटन तय है, जिसमें अब तक 10,552 करोड़ रुपये मिले हैं। पुराने अप्रयुक्त शेष और अन्य समायोजन जोड़कर विभागों के पास 18,516 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। 7 सितंबर तक इसमें से 8,694 करोड़ रुपये, यानी करीब 47 प्रतिशत, खर्च हुए थे।

पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के पास 7,440 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, पर खर्च 38 प्रतिशत रहा। आवास विभाग ने 829 करोड़ रुपये में से 26 प्रतिशत और जल संसाधन विभाग ने 28 करोड़ रुपये में से 6 प्रतिशत उपयोग किया। बीसी कल्याण विभाग ने 316 करोड़ रुपये में से 313 करोड़ रुपये खर्च कर 99 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया।

सरकार ने 20 विभागों के 88 निष्क्रिय सिंगल नोडल एजेंसी खातों को तत्काल बंद करने और ऐसे खातों में पड़े 135 करोड़ रुपये की निगरानी कड़ी करने को कहा है। साथ ही 116.98 करोड़ रुपये की रद्द केंद्रीय मंजूरियों को दोबारा जारी कराने के लिए केंद्र से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।

राज्य 2026-27 में राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत 8,226 करोड़ रुपये का पात्र है। इसमें 3,486 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। शेष राशि पाने के लिए खनन, दूरसंचार राइट ऑफ वे, एग्रीस्टैक, पशुधन डेटा और एसएनए-स्पर्श से जुड़े सुधार 1 दिसंबर 2026 तक पूरे करने को कहा गया है।