चमोली, 13 सितंबर। बदरीनाथ धाम के तप्तकुंड में 11 सितंबर को स्नान के दौरान राजस्थान की दो बुजुर्ग बहनों की मौत के बाद स्थानीय चिकित्सकों ने श्रद्धालुओं को गर्म पानी में बार-बार या अधिक देर तक डुबकी लगाने से बचने की सलाह दी है। दोनों महिलाएं कुंड में स्नान करते समय बेहोश हुई थीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया था। मौत की निश्चित चिकित्सकीय वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बदरीनाथ के सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. सचिन राणा के अनुसार, कुंड का पानी प्राकृतिक रूप से गर्म और सल्फरयुक्त है। उन्होंने श्रद्धालुओं को दो से तीन डुबकी के बाद बाहर आने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्ग और पहले से बीमार यात्री स्नान के दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखें।
पुलिस के अनुसार, मृतक महिलाओं की पहचान 71 वर्षीय रामू देवी और 63 वर्षीय प्रेम देवी के रूप में हुई। वे राजस्थान के भीलवाड़ा से आए श्रद्धालु दल में शामिल थीं। साथ स्नान कर रहे यात्रियों के अनुसार दोनों 108 डुबकियां लगाने का संकल्प पूरा कर रही थीं, तभी बेहोश हो गईं। इस घटना को देखते हुए तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सकों की सावधानी की सलाह महत्वपूर्ण है।