देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा की कतार खत्म करने के लिए सरकार ने बैरियर-फ्री टोलिंग का नया लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार, 11 सितंबर को कहा कि फरवरी–मार्च 2027 तक टोल प्लाजा पर वाहनों का इंतजार लगभग शून्य करने की दिशा में काम चल रहा है।
नई व्यवस्था में वाहन को टोल बैरियर पर रोकने की जरूरत नहीं होगी। FASTag के साथ ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान तकनीक का उपयोग कर वाहन की पहचान और शुल्क की गणना की जाएगी। ओवरहेड उपकरण वाहन के गुजरते समय जरूरी जानकारी पढ़ेंगे और टोल राशि जुड़े खाते से स्वतः कटेगी।
FASTag के बाद अगला बड़ा बदलाव
FASTag ने नकद भुगतान और मैन्युअल लेनदेन कम किया, लेकिन बैरियर और लेन में वाहनों के रुकने की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। मल्टी-लेन फ्री फ्लो प्रणाली का उद्देश्य खुले राजमार्ग जैसी आवाजाही बनाए रखते हुए टोल वसूली करना है। वाहन सामान्य गति से निकल सकेगा और भुगतान पीछे से डिजिटल प्रक्रिया में पूरा होगा।
सरकार पहले ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मुंडका–बक्करवाला, UER-II पर बैरियर-रहित टोल प्रणाली का प्रयोग शुरू कर चुकी है। इस मॉडल से मिली जानकारी का उपयोग बड़े स्तर पर तकनीक लागू करने, पहचान की सटीकता बढ़ाने और गलत कटौती जैसी समस्याएँ कम करने में किया जा सकता है।
समय, ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत में बचत
टोल प्लाजा पर रुकने से वाहनों का समय और ईंधन दोनों खर्च होते हैं। ट्रक और वाणिज्यिक वाहनों की लंबी कतार आपूर्ति श्रृंखला का समय बढ़ाती है। बैरियर-फ्री प्रणाली से यात्रियों का इंतजार घटने, ईंधन बचने और माल ढुलाई की परिचालन लागत कम होने की उम्मीद है। लगातार गति रहने से टोल क्षेत्र में उत्सर्जन और यातायात जाम भी घट सकता है।
ओवरलोड ट्रकों की पहचान भी होगी
प्रस्तावित व्यवस्था को वाहनों के वजन की स्वचालित जाँच से जोड़ने की योजना भी है। सड़क में लगे सेंसर या वेट-इन-मोशन तकनीक चलते ट्रक का वजन माप सकती है। इससे तय सीमा से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों की पहचान करना आसान होगा और सड़क सुरक्षा के साथ राजमार्गों की उम्र बेहतर हो सकती है।
लागू करने में किन बातों की चुनौती
देशभर में प्रणाली सफल बनाने के लिए नंबर प्लेट पढ़ने की सटीकता, FASTag खाते की वैधता, नेटवर्क उपलब्धता और शिकायत निवारण की मजबूत व्यवस्था जरूरी होगी। गलत पहचान या भुगतान असफल होने पर वाहन मालिक को तुरंत डिजिटल सूचना और आसान सुधार विकल्प मिलना चाहिए। निजी डेटा की सुरक्षा और रिकॉर्ड रखने के स्पष्ट नियम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
फरवरी–मार्च 2027 का लक्ष्य टोल प्लाजा पर शून्य प्रतीक्षा की दिशा बताता है। वास्तविक समय-सीमा अलग-अलग राजमार्गों पर तकनीकी तैयारी और परीक्षण के अनुसार बदल सकती है। यात्रियों के लिए FASTag सक्रिय रखना, खाते में पर्याप्त राशि रखना और वाहन की नंबर प्लेट स्पष्ट बनाए रखना नई व्यवस्था में भी जरूरी रहेगा।
