बिहार में अगस्त के आखिरी सप्ताह की बाढ़ से फसलों को करीब 270 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती आकलन सामने आया है। कृषि विभाग को 18 जिलों के 102 प्रखंडों से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट में लगभग 1.76 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित बताई गई है। अंतिम आंकड़ा पानी उतरने और खेतवार सत्यापन के बाद बदल सकता है।
भागलपुर और भोजपुर में बड़ी क्षति
प्रारंभिक जिला रिपोर्टों के अनुसार भागलपुर के 15 प्रखंडों में करीब 45 हजार हेक्टेयर और भोजपुर के छह प्रखंडों में करीब 25 हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई। बेगूसराय और समस्तीपुर में भी बड़े क्षेत्र में धान, मक्का, सब्जी और केला समेत दूसरी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित जिलों की सूची में पटना, भागलपुर, भोजपुर, बेगूसराय, समस्तीपुर, वैशाली, खगड़िया, बक्सर, लखीसराय, रोहतास, सारण, कटिहार, पश्चिम चंपारण, मुंगेर, अरवल, शेखपुरा और पूर्णिया समेत 18 जिले बताए गए हैं। विस्तृत पात्र पंचायतों की सूची कृषि विभाग के आवेदन पोर्टल पर देखी जा सकती है।
इनपुट अनुदान के लिए आवेदन पोर्टल खुला
बिहार कृषि विभाग ने 2026-27 की कृषि इनपुट अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध कराया है। यह अगस्त के आखिरी सप्ताह में अतिवृष्टि और नदियों के बढ़े जलस्तर से हुई फसल क्षति के लिए है। आवेदन से पहले किसान को पोर्टल पर अपनी पंचायत का नाम पात्र सूची में जांचना होगा।
एक किसान परिवार को अधिकतम दो हेक्टेयर तक सहायता का प्रावधान है। आवेदन के लिए किसान पंजीकरण से जुड़े मोबाइल पर आने वाला ओटीपी और आधार से जुड़ा बैंक खाता जरूरी है। ओटीपी किसी से साझा न करें और आवेदन केवल बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर करें।
कितनी सहायता का प्रावधान
आपदा राहत मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत या अधिक फसल क्षति पर असिंचित क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये और बहुवर्षीय फसल के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक इनपुट अनुदान का प्रावधान बताया गया है। अंतिम भुगतान पात्रता, क्षेत्र सत्यापन और सरकारी स्वीकृति पर निर्भर करेगा।
49.74 लाख लोगों पर बाढ़ का असर
इससे पहले आपदा प्रबंधन से जुड़े आंकड़ों में 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 पंचायतों में करीब 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए थे। 15 सितंबर को राज्य सरकार ने 8,27,472 प्रभावित परिवारों के खातों में 579.23 करोड़ रुपये भेजे थे। प्रति परिवार 7,000 रुपये की यह सहायता पारिवारिक आपदा राहत है; फसल नुकसान का इनपुट अनुदान अलग योजना और सत्यापन प्रक्रिया के तहत मिलेगा।
केंद्रीय टीम ने भी लिया जायजा
16 सितंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अधिकारियों के साथ वैशाली, मुंगेर और भागलपुर समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। केंद्र और राज्य की टीमें फसल, सड़क, मकान और पशुधन से जुड़े नुकसान का आकलन कर रही हैं। किसानों को खेत की स्थिति, भूमि विवरण, पहचान और बैंक खाते के दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए।

