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BRICS 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र जारी, वैश्विक सुधार और आतंकवाद पर साझा रुख

वैश्विक सहयोग और समुद्री सहायता को दर्शाता सांकेतिक चित्र

12 सितंबर, शाम का अपडेट: BRICS का नई दिल्ली घोषणापत्र जारी हो गया है। इसमें विकासशील देशों की वैश्विक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और पश्चिम एशिया में संयम की अपील की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले मुख्य सत्र में संस्थागत सुधार और नाविक सहायता के अलग प्रस्ताव रखे थे।

साझा घोषणापत्र में क्या कहा गया

दस्तावेज में चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र तथा उसकी सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षा के प्रति समर्थन दोहराया। इसे स्थायी सदस्यता मिल जाने की घोषणा नहीं समझना चाहिए। वित्तीय संस्थाओं में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आवाज और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग भी दोहराई गई।

नेताओं ने 22 अप्रैल 2025 के जम्मू-कश्मीर आतंकवादी हमले की निंदा की और आतंकियों की सीमा पार आवाजाही, वित्तपोषण तथा पनाहगाहों के खिलाफ सहयोग की प्रतिबद्धता जताई। पश्चिम एशिया में नागरिकों और नागरिक ढांचे की सुरक्षा, संवाद तथा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का प्रवाह बनाए रखने पर जोर दिया गया।

सीमा पार भुगतान को तेज, सस्ता और सुरक्षित बनाने के तकनीकी काम तथा स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन पर चर्चा जारी रखने की बात है। नई साझा मुद्रा शुरू करने की घोषणा नहीं है। ऑनलाइन अभिलेखागार की स्थापना में प्रगति का स्वागत करते हुए उसे चालू करने पर आगे चर्चा की बात कही गई। अगली, 2027 की अध्यक्षता और सम्मेलन के लिए चीन को समर्थन दिया गया है।

मुख्य सत्र में मोदी के अलग सुझाव

नई दिल्ली में 12 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS के फैसलों की प्रगति दर्ज करने और अगली अध्यक्षता तक उनका काम जारी रखने के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव रखा। मुख्य शिखर सत्र में उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में सुधार का साझा खाका और संकट में फंसे नाविकों के लिए सहायता नेटवर्क बनाने का सुझाव भी दिया।

समुद्र में संकट आए तो मदद कैसे पहुंचे

प्रस्तावित नेटवर्क समुद्री अधिकारियों और राजनयिक मिशनों को जोड़ेगा। इससे आपात संदेश, चिकित्सा सहायता, परिवारों से संपर्क और सुरक्षित निकासी में मदद मिल सकेगी।

अध्यक्षता बदले, काम जारी रहे

मोदी ने ट्रोइका के जरिए पहलों की नियमित निगरानी का सुझाव दिया। सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड में हर निर्णय का जिम्मेदार संपर्क, समयसीमा और अमल की स्थिति रखने की बात कही।

वैश्विक फैसलों में व्यापक भागीदारी

प्रधानमंत्री ने अगले सम्मेलन तक वैश्विक शासन में सुधार के दस प्रस्ताव तैयार करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समयबद्ध सुधार और वित्तीय संस्थाओं में आज की आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप प्रतिनिधित्व पर जोर दिया। उभरती तकनीकों के नियम तय करने में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने के लिए युवा राजनयिकों और नीति निर्माताओं के प्रशिक्षण की पेशकश भी की।

ऊपर वर्णित नाविक सहायता नेटवर्क और निगरानी व्यवस्था मोदी के भाषण में रखे गए प्रस्ताव हैं। साझा घोषणापत्र जारी होने से इन्हें स्वतः शुरू हो चुकी व्यवस्था नहीं माना जा सकता। अन्य घटनाक्रम BRICS सम्मेलन 2026 अनुभाग में पढ़ें।