پورا بھارت · اردو
▤   پورا بھارتدیش کی آوازمکمل تصویرقومی ایڈیشن
⌖ پورا بھارت

कैरिकॉम का भारत की 2028–29 सुरक्षा परिषद उम्मीदवारी को समर्थन, सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

भारत और कैरेबियाई देशों के कूटनीतिक सहयोग का सांकेतिक चित्र
सांकेतिक चित्र

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026। कैरेबियाई देशों के समूह कैरिकॉम ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 2028–29 कार्यकाल के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने 24 सितंबर को बताया कि न्यूयॉर्क में हुई भारत–कैरिकॉम विदेश मंत्रियों की बैठक में समूह के सह-अध्यक्ष ने यह निर्णय साझा किया।

उम्मीदवारी के पक्ष में समर्थन

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कैरिकॉम के विश्वास और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बनेगा। घोषणा भारत की उम्मीदवारी के समर्थन से संबंधित है; इसे सुरक्षा परिषद में चुनाव जीतने या स्थायी सदस्यता मिलने की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

न्यूयॉर्क में 23 सितंबर को हुई बैठक

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अवसर पर आयोजित बैठक की सह-अध्यक्षता जयशंकर और सूरीनाम के विदेश, अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं सहयोग मंत्री मेल्विन डब्ल्यू. जे. बाउवा ने की। बैठक 23 सितंबर को हुई, जबकि उसका विवरण अगले दिन जारी किया गया।

यह संवाद नवंबर 2024 में गुयाना में हुए दूसरे भारत–कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के बाद सहयोग की प्रगति पर केंद्रित था। उस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैरिकॉम देशों के नेताओं ने की थी।

व्यापार से खाद्य सुरक्षा तक एजेंडा

दोनों पक्षों ने राजनीतिक संपर्क बढ़ाने और व्यापार तथा निवेश को आगे ले जाने पर चर्चा की। कृषि, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल शासन, जलवायु के प्रभावों का सामना करने की क्षमता और ऊर्जा सहयोग भी बातचीत में शामिल रहे।

कैरिकॉम नेताओं ने क्षेत्र में भारत की विकास साझेदारी और विकासशील देशों के बीच सहयोग में उसकी भूमिका की सराहना की। बैठक के विवरण में किसी नए व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर या निवेश राशि की घोषणा नहीं की गई है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ काम करने की सहमति

संयुक्त राष्ट्र में सुधार, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और सीमाओं के पार होने वाले अपराधों से निपटने जैसे विषयों पर सहयोग जारी रखने की सहमति बनी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों के साथ वैश्विक मुद्दों पर भी साझेदारी गहरी करना था।

बैठक में कैरेबियाई देशों के विदेश मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ कैरिकॉम की महासचिव डॉ. कार्ला नताली बार्नेट भी मौजूद थीं। भारत की उम्मीदवारी के समर्थन के अलावा विभिन्न सहयोग क्षेत्रों पर हुई बातचीत अब आगे के राजनयिक संपर्क का आधार बनेगी।