चंडीगढ़, 12 सितंबर: चंडीगढ़ की राज्य परिवहन प्राधिकरण ने 8 सितंबर से Uber और Rapido के एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किए हैं। प्राधिकरण ने 2025 के मोटर वाहन एग्रीगेटर नियमों के अनुपालन में कमी का हवाला दिया। इस फैसले का असर शहर में ऐप के माध्यम से कैब या बाइक-टैक्सी लेने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है।
प्रशासन के अनुसार, दोनों कंपनियों को बीमा, चालक प्रशिक्षण, किराया और वाहन पात्रता सहित निर्धारित शर्तों पर अपना पक्ष रखने के अवसर दिए गए थे, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इससे पहले Ola और inDrive के लाइसेंस भी निलंबित किए गए थे।
यह कार्रवाई चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश के एग्रीगेटर लाइसेंस से संबंधित है; इसे पूरे ट्राइसिटी क्षेत्र में सेवाओं की समान कानूनी स्थिति मानना सही नहीं होगा। यात्रियों को यात्रा से पहले उपलब्ध वैध परिवहन विकल्प और वर्तमान सेवा स्थिति की जाँच करनी चाहिए। कैब चालकों ने कार्रवाई के बाद अपना लंबे समय से चल रहा धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।
12 सितंबर का अपडेट: बस यात्रियों में बड़ा उछाल नहीं
लाइसेंस निलंबन के बाद शुरुआती तीन दिनों में चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम (CTU) की ट्राइसिटी बस सेवा में यात्रियों की संख्या में बड़ा बदलाव नहीं दिखा। रोजाना औसतन करीब 1.10 लाख यात्रियों की तुलना में 10 सितंबर को लगभग 1.13 लाख यात्री दर्ज हुए। अधिकारियों ने लगभग 3,000 यात्रियों, यानी 2.7 प्रतिशत, का यह अंतर सामान्य दैनिक उतार-चढ़ाव बताया; इससे कैब यात्री बसों की ओर बड़े पैमाने पर चले गए हैं, ऐसा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
निलंबित या बिना लाइसेंस वाले प्लेटफॉर्म से जुड़े होने के संदेह में वाहनों पर शुक्रवार को करीब 60 चालान जारी किए गए। बुधवार को करीब 60 और गुरुवार को करीब 70 चालान की जानकारी दी गई। चालान जारी होने और किसी प्लेटफॉर्म की सेवा का अंतिम कानूनी फैसला एक ही बात नहीं है। यात्रियों के लिए वास्तविक बुकिंग उपलब्धता बदल सकती है; किसी लाइसेंस की बहाली का नया आधिकारिक आदेश इस अपडेट तक सामने नहीं आया था।