विशाखापत्तनम: हिंद महासागर में गैरकानूनी गतिविधियों से निपटने के लिए देशों के बीच समन्वय पर केंद्रित तीन दिवसीय अभ्यास 11 सितंबर को पूरा हुआ। कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तहत पूर्वी नौसेना कमान में आयोजित इस अभ्यास की जानकारी रक्षा मंत्रालय ने 12 सितंबर को दी।
सूचना साझा करने की व्यवस्था पर जोर
प्रतिभागियों ने मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा की और सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम किया। उद्देश्य समुद्र में होने वाली गतिविधियों की साझा समझ बढ़ाना और प्रतिक्रिया में तालमेल मजबूत करना था।
काल्पनिक परिस्थितियों पर हुआ अभ्यास
यह टेबल टॉप अभ्यास था, जिसमें बनाई गई परिस्थितियों के आधार पर संचालन संबंधी विकल्पों पर काम किया गया। सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधियों तथा समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसमें भाग लिया। समुद्री आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध मछली पकड़ने जैसी चुनौतियां चर्चा के केंद्र में रहीं।
कार्यक्रम 9 सितंबर को शुरू हुआ था। पूर्वी नौसेना कमान के मुख्य स्टाफ अधिकारी (संचालन) रियर एडमिरल मनोज झा ने उद्घाटन संबोधन दिया। अभ्यास को क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए भारत के महासागर दृष्टिकोण से जोड़ा गया है।
