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अहमदाबाद में कबड्डी का दोहरा स्वर्ण: भारत ने महिला और पुरुष दोनों खिताब जीते

कॉमनवेल्थ कबड्डी 2026 का अहमदाबाद चरण भारत के लिए दोहरी जीत के साथ समाप्त हुआ। 31 अक्टूबर को खेले गए महिला और पुरुष वर्ग के फाइनल में भारतीय टीमों ने क्रमशः युगांडा और श्रीलंका को हराकर दोनों स्वर्ण पदक अपने नाम किए। टूर्नामेंट के आधिकारिक नतीजों के अनुसार महिला टीम ने 35–15 और पुरुष टीम ने 54–20 से जीत दर्ज की।

महिलाओं के फाइनल में भारत ने शुरुआती अंकों के बाद मुकाबले की गति अपने पक्ष में रखी। पहले हाफ में टीम ने लगातार सफल रेड और मजबूत टैकल के सहारे बढ़त बनाई। मध्यांतर पर स्कोर 22–7 था। दूसरे हाफ में युगांडा ने रेड से कुछ अंक जुटाए, लेकिन भारतीय रक्षा ने वापसी की गुंजाइश सीमित रखी। मैच के अंतिम हिस्से में भारत ने एक और ऑल-आउट लेकर अंतर बढ़ाया और 20 अंकों के फासले से मुकाबला समाप्त किया।

साक्षी ने भारत की ओर से नौ रेड अंक जुटाए और महिला फाइनल की शीर्ष स्कोरर रहीं। अनु ने छह तथा कप्तान निधि शर्मा ने पांच अंक जोड़े। रितु और सुमन ने डिफेंस में चार-चार टैकल अंक लिए। युगांडा के लिए शिरात नाकायोंगो ने 11 अंक बनाए, लेकिन उनकी टीम को भारतीय आक्रमण और बचाव दोनों के सामने लगातार अंक निकालने में कठिनाई हुई।

पुरुषों के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 54–20 से हराया। भारतीय टीम ने पहले हाफ में ही बड़ा अंतर बना लिया था: मध्यांतर पर स्कोर 30–10 रहा। टीम ने मैच के दौरान चार ऑल-आउट लगाए और किसी ऑल-आउट का सामना नहीं किया। दूसरे हाफ में भी भारत ने दबाव बनाए रखा और 24–10 से आगे रहा।

आदित्य शिंदे ने 10 रेड अंकों के साथ पुरुषों के फाइनल में भारत के लिए सबसे अधिक अंक जुटाए। भरत हुड्डा ने आठ और पंकज मोहिते ने छह अंक जोड़े। डिफेंस में योगेश दहिया ने पांच सफल टैकल के साथ हाई-5 पूरा किया। श्रीलंका के लिए मदुवंथा ने छह टैकल अंक बनाए, जबकि उसके प्रमुख रेडरों को भारतीय रक्षा के विरुद्ध सीमित सफलता मिली।

दोनों भारतीय टीमों ने अहमदाबाद में अपना अपराजित अभियान खिताब के साथ पूरा किया। महिला टीम ने छह मुकाबलों में छह जीत हासिल की; पुरुष टीम ने आठों मैच जीते। महिला वर्ग में भारत ने फाइनल से पहले श्रीलंका को सेमीफाइनल में 39–14 से हराया था। पुरुष वर्ग में उसने सेमीफाइनल में बांग्लादेश पर 56–27 की जीत के बाद खिताबी मुकाबला खेला।

यह चैंपियनशिप 23 से 31 अक्टूबर तक अहमदाबाद में आयोजित हुई और इसमें पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों के मुकाबले हुए। आयोजन के शुरुआती परिचय में 13 देशों की भागीदारी बताई गई थी। महिलाओं और पुरुषों के फाइनल एक ही दिन खेले गए। टूर्नामेंट की समाप्ति पर भारत के दोनों दलों के पास एक भी हार नहीं थी।

फाइनल के नतीजे केवल स्कोर तक सीमित नहीं रहे: घरेलू टीमों ने समूह चरण, सेमीफाइनल और निर्णायक मुकाबलों में निरंतरता दिखाई। महिला वर्ग में भारत ने समूह के चारों मैच जीते, फिर सेमीफाइनल और फाइनल में जीत दर्ज की। पुरुष दल ने समूह में छह जीत के बाद नॉकआउट दौर के दोनों मुकाबले अपने नाम किए। इस तरह दोनों टीमों ने अलग-अलग मुकाबला-संख्याओं के बावजूद बिना हार के अभियान पूरा किया।

अहमदाबाद में खेले गए इस पहले संस्करण का आखिरी दिन दो खिताबी मुकाबलों के साथ समाप्त हुआ। महिला और पुरुष वर्ग में भारतीय टीमों की जीत ने मेजबान देश को प्रतियोगिता का समग्र विजेता बनाया। आधिकारिक आयोजक के प्रकाशित नतीजों में दोनों टीमों की खिताबी जीत और मैच के खिलाड़ी आँकड़े दर्ज हैं।