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गोवा की नई पीड़ित मुआवजा योजना: गंभीर मामलों में ₹10 लाख तक सहायता, आरोपी बरी हो तो भी दावा संभव

पणजी, 12 सितंबर 2026। गोवा सरकार ने अपराध के कारण नुकसान या चोट झेलने वाले पीड़ितों और उनके आश्रितों के पुनर्वास के लिए ‘गोवा विक्टिम कम्पेंसेशन स्कीम, 2026’ अधिसूचित की है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ परिस्थितियों में आरोपी का पता न चले या पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में वह बरी हो जाए, तब भी पात्र पीड़ित मुआवजे का दावा कर सकते हैं।

मानव तस्करी और बलात्कार के मामलों में महिलाओं या बच्चों को गंभीर मानसिक पीड़ा से जुड़ी चोट के लिए अधिकतम ₹10 लाख की सहायता का प्रावधान बताया गया है। तेजाब हमले के पीड़ित के लिए अधिकतम ₹5 लाख और भीड़ हिंसा के पीड़ित के लिए अधिकतम ₹2 लाख का उल्लेख है। ये ऊपरी सीमाएं हैं; हर आवेदन पर इतनी राशि मिलना तय नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार अपराध की तारीख से 180 दिनों के भीतर राज्य या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास आवेदन करना होगा। साथ में उपलब्ध प्राथमिकी या शिकायत, चिकित्सा रिपोर्ट जैसे सहायक दस्तावेज देने होंगे। प्राधिकरण दावा जाँचकर पात्रता और राशि तय करेगा।