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गोंडा में गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर का आदेश हाईकोर्ट ने रद्द किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गोंडा के जाहिद अली को गुंडा एक्ट के तहत छह महीने के लिए जिला बदर करने का आदेश रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने 10 सितंबर के फैसले में जिलाधिकारी का 11 मई 2026 का आदेश और देवीपाटन मंडल के आयुक्त का 12 अगस्त का अपीलीय आदेश, दोनों कानूनन अस्थिर पाए।

जिला बदर के आदेश में दो आपराधिक मामलों और पुलिस की बीट सूचना का उल्लेख था। अदालत ने पाया कि 2010 के एक मामले में अली को 2017 में बरी किया जा चुका था। दूसरे मामले की प्राथमिकी 2020 की थी। न्यायालय के अनुसार बरी किए गए मामले को आधार नहीं बनाया जा सकता और अकेला पुराना मामला किसी व्यक्ति को आदतन अपराधी साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। बीट सूचना पर प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना उसे भी आधार बनाना उचित नहीं था।

फैसले में अदालत ने गुंडा एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताई और कहा कि यह कानून सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े स्पष्ट मामलों में ही सावधानी से लागू होना चाहिए। यह निर्णय जाहिद अली के जिला बदर आदेश के बारे में है; 2020 के लंबित आपराधिक मामले का अंतिम निपटारा इस आदेश से नहीं हुआ है।