गांधीनगर, 12 सितंबर 2026। गुजरात सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया कि इस मानसून में सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ जिलों में बारिश बेहद असमान रही है। सरकार की ओर से रखे गए आँकड़ों के अनुसार देवभूमि द्वारका में सामान्य मौसमी बारिश का लगभग 6.4 प्रतिशत, पोरबंदर में 18.1 प्रतिशत, जामनगर में 28.9 प्रतिशत और कच्छ में 29.3 प्रतिशत ही दर्ज हुआ। दक्षिण गुजरात में इसके उलट औसत के लगभग 103.9 प्रतिशत बारिश हुई है।
विपक्ष ने कम बारिश वाले क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को राहत देने की माँग उठाई। सरकार ने कहा कि केवल बारिश का आँकड़ा सूखा घोषित करने का आधार नहीं है। इसके लिए तय दिशानिर्देशों के अनुसार फसलों, मिट्टी की नमी, जलस्रोतों और मैदानी स्थिति का आकलन करना होगा।
राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में स्थिति पर निगरानी रखने की बात कही है। अभी इन चार जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने का फैसला नहीं हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 12 से 15 सितंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में फिर बारिश होने की संभावना जताई है, लेकिन कम बारिश वाले जिलों में वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह अगले दिनों के वर्षा आँकड़ों से स्पष्ट होगा।
