हरियाणा, 15 सितंबर 2026। धान की सरकारी खरीद के लिए राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंडियों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसानों की जल्दी खरीद की मांग के बीच 15 सितंबर को जारी सरकारी जानकारी में शुरुआत की तारीख 1 अक्टूबर ही बताई गई है।
पंजीकरण, गेट पास और भुगतान पर निर्देश
समीक्षा में बताया गया कि खरीद के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत और सत्यापित विवरण आधार बनेगा। मंडी आने वाले किसानों का जियो-फेंसिंग से सत्यापन करने के बाद गेट पास जारी करने की व्यवस्था रखी गई है। दर्ज फसल विवरण और संबंधित क्षेत्र की निर्धारित औसत उपज का मिलान भी खरीद प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
मंत्री ने गेट पास, तुलाई और बिक्री के बाद किसान के बैंक खाते में भुगतान तक की प्रक्रिया सरल रखने को कहा। अधिकारियों को आगामी रबी सीजन के लिए यूरिया, डीएपी और प्रमाणित बीजों की समय पर उपलब्धता की तैयारी करने के निर्देश भी दिए गए।
पहले की मांग और तैयारियों की पृष्ठभूमि
किसानों की मांग क्यों बढ़ी
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) का कहना है कि परमल किस्मों की कटाई तय खरीद तारीख से पहले होने पर मंडी में उपज रोकना किसानों के लिए कठिन होगा। संगठन ने शाहाबाद में पंचायत और समय पर निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। यह संगठन की घोषणा है, खरीद शुरू होने या सड़क बंद होने का सरकारी आदेश नहीं।
जल्दी खरीद की मांग के साथ धान में नमी की स्वीकार्य सीमा भी चर्चा में है। केंद्रीय पूल के लिए 17 प्रतिशत सीमा बताई गई है। किसानों का आग्रह है कि शुरुआती दिनों में इसे अस्थायी रूप से 20 प्रतिशत किया जाए, ताकि अधिक नमी वाली उपज लौटाए जाने का जोखिम घटे। फिलहाल ऐसी छूट की घोषणा नहीं हुई है। बारिश के बाद धान को सुरक्षित ढंग से सुखाना और मंडी में नमी जांच करवाना इसी वजह से अहम रहेगा।
एमएसपी तय, खरीद की तारीख अलग फैसला
खरीफ विपणन सत्र 2026–27 के लिए सामान्य धान का केंद्र द्वारा तय एमएसपी 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है। एमएसपी घोषित होने का अर्थ यह नहीं कि हर मंडी में 15 सितंबर को एजेंसी खरीद शुरू हो जाएगी। खरीद कार्यक्रम, पंजीकरण और नमी के मानक की पुष्टि राज्य की आधिकारिक सूचना से करनी होगी। हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का ई-खरीद पोर्टल किसानों के लिए उपयोगी सेवा है।
खरीद से जुड़े अधिकारियों ने कार्यक्रम को पहले करने की पुष्टि नहीं की है। राज्य की ओर से केंद्रीय पूल में धान खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध भी बताया गया है, लेकिन अनुरोध को स्वीकृत मात्रा मानना गलत होगा। पिछले साल तारीख पहले की गई थी; इस साल वैसा होगा, इसकी गारंटी नहीं है।
करनाल में खरीद से पहले बैठक
13 सितंबर को करनाल से सामने आई जानकारी के अनुसार जिला उपायुक्त ने राइस मिलर्स, आढ़तियों और किसानों के साथ धान खरीद की तैयारी पर बैठक की। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कहा कि खरीद के दौरान आने वाली दिक्कतों को विभागों के समन्वय से सुलझाने की कोशिश होगी। इस बैठक से करनाल की मंडियों में तैयारी आगे बढ़ने का संकेत मिलता है, लेकिन सरकारी खरीद की प्रारंभ तारीख बदलने की घोषणा इसमें नहीं की गई। किसान मंडी में धान ले जाने से पहले जिले का लिखित कार्यक्रम और अपनी उपज की नमी की शर्त देखें।
नमी पर 15 सितंबर की नई अपील
पानीपत में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से निर्धारित मानक के अनुसार सूखा धान ही मंडी में लाने की अपील की। विभाग के अधिकारी खेतों में उपज, पानी की उपलब्धता तथा रोग-कीट की स्थिति देख रहे हैं। कुरुक्षेत्र में दस किसान संगठनों ने 15 सितंबर से खरीद शुरू करने की मांग की है; यह मांग है, सरकारी कार्यक्रम में बदलाव की घोषणा नहीं। भारी बारिश के बाद कटाई और सुखाई में सुरक्षा तथा मंडी की आधिकारिक नमी जांच का ध्यान रखें।
मंडी जाने से पहले क्या देखें
किसान अपने जिले की मंडी और राज्य खाद्य विभाग की ताजा घोषणा देखें, पंजीकरण व फसल विवरण सही रखें और कटे धान को बारिश से बचाएं। राज्यवार मौसम पूर्वानुमान में अगले दिनों की बारिश के संकेत हैं, लेकिन खेत या मंडी का फैसला स्थानीय चेतावनी देखकर ही लें। सरकारी खरीद की नई तारीख घोषित होने पर उसी के अनुसार योजना बदलें।

