नई दिल्ली: हिंदी दिवस पर 14 सितंबर को जारी संदेश में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं से दूसरी भाषाएँ सीखने के साथ अपनी भाषा से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ मातृभाषा में बातचीत करने पर जोर दिया।
शाह के अनुसार, हिंदी का विकास सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान और संरक्षण के साथ होना चाहिए। उन्होंने भाषाई विविधता को देश की ताकत बताते हुए प्रशासन और शिक्षा में भारतीय भाषाओं के इस्तेमाल की चर्चा की। डिजिटल भाषा-साधनों के संदर्भ में उन्होंने राजभाषा विभाग के भारती टूल और हिंदी शब्द सिंधु शब्दकोश का उल्लेख किया। यह हिंदी दिवस का जारी संदेश है; इसे नवी मुंबई सम्मेलन में दिए गए उद्घाटन भाषण का विवरण नहीं माना गया है।
नवी मुंबई सम्मेलन की घोषित रूपरेखा
नवी मुंबई: हिंदी दिवस पर आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दो दिवसीय कार्यक्रम में हिंदी के साथ अन्य भारतीय भाषाओं के समन्वय को प्रमुख स्थान दिया गया है। गृह मंत्रालय की घोषित रूपरेखा के अनुसार, 14 और 15 सितंबर के सत्रों में तकनीक, अनुवाद और साहित्य से जुड़े विषय भी शामिल हैं।
सम्मान और प्रकाशनों का विमोचन
14 सितंबर के उद्घाटन सत्र के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन और वर्ष 2025–26 के राजभाषा गौरव तथा राजभाषा कीर्ति पुरस्कार प्रदान करने का कार्यक्रम निर्धारित है। यह विवरण मंत्रालय की पूर्व सूचना पर आधारित है; पुरस्कार वितरण संपन्न होने का दावा नहीं है।
सम्मेलन में विभिन्न संस्थानों, बैंकों और मंत्रालयों के 32 प्रदर्शनी स्टॉल की व्यवस्था घोषित की गई है। इनमें हिंदी और भारतीय भाषाओं से जुड़े प्रकाशन तथा पहल दिखाई जाएँगी।
वंदे मातरम और स्थानीय समितियों पर सत्र
वंदे मातरम के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पक्षों पर विशेष चर्चा की योजना है। इसी विषय पर राजभाषा भारती का स्मारक अंक भी प्रस्तावित प्रकाशनों में शामिल है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की भूमिका पर अलग सत्र रखा गया है। महाराष्ट्र की भाषाई और सांस्कृतिक परंपराएँ भी आयोजन की रूपरेखा का हिस्सा हैं।


