हिसार, 16 सितंबर 2026। उपायुक्त महेंद्र पाल ने जिले के निजी कोचिंग संस्थानों का नियमानुसार पंजीकरण और निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 15 सितंबर की सरकारी सूचना के अनुसार संस्थानों को अपने प्रॉस्पेक्टस में फीस, फीस वापसी की नीति, बैच की अवधि और विद्यार्थियों की क्षमता स्पष्ट करनी होगी।
प्रशासन ने भ्रामक विज्ञापनों और फर्जी टॉपर दिखाकर प्रचार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। निर्देशों में कम से कम एक काउंसलर, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था पर जोर है।
शिकायत निवारण की व्यवस्था
विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर निवारण सेल बनाने की बात कही गई है। अधिकारियों को पंजीकरण और आवश्यक सुविधाओं की जाँच करने को कहा गया है। सूचना में पंजीकरण की कोई निश्चित अंतिम तारीख या जुर्माने की राशि नहीं दी गई है।
राज्य सरकार ने हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026 के शुल्क और वैधता की जानकारी भी स्पष्ट की है। प्रत्येक मौजूदा या नया निजी कोचिंग संस्थान संबंधित जिला प्राधिकरण के पोर्टल पर 10,000 रुपये पंजीकरण शुल्क के साथ आवेदन करेगा। पंजीकरण प्रमाणपत्र तीन वर्ष के लिए वैध होगा।
नवीनीकरण के लिए 5,000 रुपये शुल्क तय है और नवीनीकरण प्रमाणपत्र की वैधता एक वर्ष होगी। संस्थानों को फीस, रिफंड नीति, बैच की अधिकतम संख्या, शिक्षकों की योग्यता, सुविधाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था का विवरण सार्वजनिक करना होगा।
नियमों के अनुसार पंजीकृत संस्थान प्रचार सामग्री में केवल Registered Coaching Institute शब्द का उपयोग कर सकेंगे। वे Recognized या Approved शब्द नहीं लिख सकेंगे। विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के नियमित अध्ययन समय के दौरान कोचिंग कक्षाएं नहीं चलाई जा सकेंगी।