भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एशिया कप में अपना खिताब बरकरार रखा है। चीन के मोक्वी में 13 सितंबर को खेले गए फाइनल में भारत ने कोरिया को 4–1 से हराया। इस जीत के साथ भारत के नाम प्रतियोगिता के छह खिताब हो गए हैं।
चार खिलाड़ियों के गोल, मध्यांतर तक मजबूत बढ़त
भारत की ओर से अजीत यादव, कप्तान अनमोल एक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने गोल किए। पहले क्वार्टर में मिली दो गोल की बढ़त ने टीम को मैच की दिशा तय करने में मदद दी। मध्यांतर तक भारत 3–0 से आगे था।
अजीत ने नौवें मिनट में गेंद को दिशा देकर पहला गोल किया। चार मिनट बाद अनमोल ने पेनल्टी कॉर्नर से अंतर दोगुना कर दिया। प्रभदीप ने 21वें मिनट में तीसरा गोल जोड़ा। कोरिया को शुरुआती मौके मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उन्हें गोल में बदलने नहीं दिया।
आखिरी क्वार्टर में दोनों टीमों ने किया गोल
तीसरे क्वार्टर में स्कोर नहीं बदला। भारत का एक पेनल्टी कॉर्नर प्रयास क्रॉसबार से टकराया। अंतिम क्वार्टर के 50वें मिनट में आशु ने गोल करके भारत को 4–0 से आगे कर दिया।
कोरिया के कप्तान ली मिनह्योक ने 54वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से अपनी टीम का एकमात्र गोल किया। कोरिया का आखिरी मिनट का एक और प्रयास पोस्ट से टकराया, लेकिन भारत की बढ़त सुरक्षित रही।
विश्व कप पात्रता और पुरस्कार की घोषणा
इस खिताब के साथ भारतीय टीम ने एफआईएच जूनियर पुरुष विश्व कप के लिए भी पात्रता हासिल की। हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
भारत इससे पहले 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में इस प्रतियोगिता का विजेता बना था। नया खिताब जोड़ने के बाद वह पुरुष जूनियर एशिया कप की सबसे सफल टीम बना हुआ है।



