देश की आवाज़ न्यूज डेस्क | रांची, 18 सितंबर 2026। झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा नियुक्तियों और JSSC-CGL समेत भर्ती रद्दीकरण विवादों में अंतरिम रोक अगले आदेश तक जारी रखी है। इससे प्रभावित चयनित कर्मी फिलहाल सेवा में बने रहेंगे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:30 बजे तय की है।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार का जवाब रिकॉर्ड पर लिया और याचिकाकर्ताओं को प्रत्युत्तर के लिए समय दिया। अदालत ने कहा कि केवल एक अधिसूचना के आधार पर, प्राकृतिक न्याय की प्रक्रिया का पालन किए बिना, विभिन्न विभागों में नियुक्त अभ्यर्थियों को सेवा से नहीं हटाया जा सकता। हालांकि अंतिम निर्णय अभी लंबित है और अनुचित साधन से नियुक्ति पाने वालों पर जांच व न्यायिक प्रक्रिया के बाद कार्रवाई हो सकती है।
SIT जांच की स्वतंत्र निगरानी: हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को CID की विशेष जांच टीम की निगरानी की जिम्मेदारी दी है। पूछताछ के दौरान अनावश्यक उत्पीड़न की शिकायत करने वाले अभ्यर्थी उनके समक्ष अपनी बात रख सकेंगे।
राज्य सरकार ने अपने शपथपत्र में परीक्षा एजेंसी और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों का हवाला दिया है। सरकार के अनुसार जांच अभी जारी है। इस चरण में अदालत ने किसी अभ्यर्थी को दोषी घोषित नहीं किया है; रोक का अर्थ भी भर्ती विवाद का अंतिम निपटारा नहीं है। अभ्यर्थियों को आगे की स्थिति के लिए हाईकोर्ट की आधिकारिक कार्यवाही और संबंधित आयोगों की सूचनाएँ देखनी चाहिए।