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कारैकल बंदरगाह विस्तार की जनसुनवाई में मछुआरों और किसानों ने आजीविका तथा तटीय पर्यावरण की चिंता उठाई

कारैकल: पुडुचेरी के कारैकल बंदरगाह के प्रस्तावित विस्तार पर 9 सितंबर को तिरुमलैरायन पट्टिनम में हुई जनसुनवाई में स्थानीय मछुआरों, किसानों और निवासियों ने आपत्ति दर्ज कराई। जनसुनवाई जिला प्रशासन और पर्यावरण विभाग ने कलेक्टर इशिता राठी की मौजूदगी में आयोजित की; इसमें 500 से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

परियोजना प्रस्ताव में बंदरगाह की माल संभालने की क्षमता मौजूदा 2.15 करोड़ टन सालाना से बढ़ाकर लगभग 10.03 करोड़ टन सालाना करने की बात है। स्थानीय लोगों ने समुद्री तल की खुदाई, लगभग 137 हेक्टेयर भूमि पुनर्भरण और एक जलधारा के मार्ग में प्रस्तावित बदलाव से मछली पालन, तटीय प्रवाह, जलनिकासी तथा खेतों पर संभावित असर की चिंता जताई। ये जनसुनवाई में उठाई गई आशंकाएँ हैं; प्रभाव का अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं।

पुडुचेरी प्रदूषण नियंत्रण समिति और कारैकल जिला प्रशासन ने इस परियोजना के लिए जनसुनवाई संबंधी सूचना उपलब्ध कराई है। जनसुनवाई से परियोजना को अंतिम पर्यावरणीय अनुमति मिल जाने का अर्थ नहीं निकलता। आपत्तियों पर प्रशासन और नियामक संस्थाओं की अगली कार्रवाई की निगरानी जरूरी होगी।