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कर्नाटक एयरोस्पेस नीति 2026-31: सात क्लस्टर, शुरुआती निवेशकों को जमीन पर 50% तक सब्सिडी

बेंगलुरु: कर्नाटक की नई एयरोस्पेस नीति 2026-31 में राज्य के सात प्रस्तावित क्लस्टरों में शुरुआती एंकर निवेशकों को जमीन की लागत पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। यह लाभ प्रत्येक अधिसूचित क्लस्टर में पहले तीन निवेशकों तक सीमित रहेगा।

बेंगलुरु से बाहर प्रस्तावित क्लस्टरों में जमीन की लागत पर 50 प्रतिशत और बेंगलुरु शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के क्लस्टरों में 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। बाद में आने वाली कंपनियों को जमीन की पूरी कीमत चुकानी होगी। सरकार का कहना है कि क्लस्टर आधारित मॉडल से क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

विजयपुरा, शिवमोग्गा, मैसूरु और हासन में रनवे सुविधा वाले विनिर्माण केंद्र प्रस्तावित हैं, जहां कंपनियां उत्पादों का परीक्षण भी कर सकेंगी। ये चारों शहर उड़ान योजना के तहत छोटे हवाई अड्डों से जुड़े हैं।

बेंगलुरु शहरी जिले के जंगमकोटे में एवियोनिक्स क्लस्टर, चित्रदुर्ग में अंतरिक्ष क्षेत्र का क्लस्टर और चिक्कबल्लापुर में ड्रोन तथा अर्बन एयर मोबिलिटी क्लस्टर प्रस्तावित है। निजी कंपनियों द्वारा कम से कम 50 एकड़ में विकसित एयरोस्पेस और रक्षा पार्क भी कर्नाटक औद्योगिक नीति के तहत प्रोत्साहन के पात्र होंगे।

सरकार दो नए साझा परीक्षण और प्रमाणन केंद्रों का पूरा खर्च उठाएगी। ये देवनहल्ली एयरोस्पेस एवं डिफेंस पार्क में पहले से प्रस्तावित केंद्र के अतिरिक्त होंगे। नीति का लक्ष्य एयरोस्पेस, रक्षा विनिर्माण, अंतरिक्ष, ड्रोन और एवियोनिक्स में डिजाइन तथा उच्च मूल्य वाले उत्पादन को बढ़ाना है।