बेंगलुरु, 14 सितंबर। कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को वितरित जूते और मोजों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने जिला स्तर पर स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है। यह वितरण 2026-27 के विद्याविकास कार्यक्रम के तहत कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों के लिए है। शिकायतों में कुछ जूतों के तलवे उखड़ने, सिलाई खुलने और आकार सही न होने की बात सामने आई है।
8 सितंबर के विभागीय आदेश के अनुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलग विभागों के दो से तीन सदस्यों वाले सत्यापन दल बनाएंगे। दल जूतों की सामग्री, सिलाई, तलवे, आकार, आपूर्ति के दस्तावेज और गुणवत्ता प्रमाणपत्र जांचेंगे। जिला रिपोर्ट शिक्षा आयुक्त को भेजी जाएगी और उसके आधार पर विभाग संयुक्त निष्कर्ष तैयार करेगा।
उप लोकायुक्त न्यायमूर्ति के. एन. फणींद्र ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर अपने अधिकार क्षेत्र के 15 जिलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिक जांच के निर्देश दिए हैं। अभी खराब गुणवत्ता या भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है; जिम्मेदारी का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। अभिभावकों की शिकायतों और वास्तविक आपूर्ति की जांच से आगे की कार्रवाई तय होगी।