21 अक्टूबर, सुबह का अपडेट: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच के लिए CBI की टीम मंगलवार देर रात मानसा पहुंची। टीम मानसा सिटी-2 थाने गई और स्थानीय पुलिस से मामले के रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। मानसा के DSP (मुख्यालय) पुष्पिंदर सिंह ने FIR संख्या 269 और केस से संबंधित रिकॉर्ड सौंपे जाने की जानकारी दी। अब मामले की जांच CBI के हाथ में है।
पंजाब सरकार ने मंगलवार को मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला बताया था। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिया था। पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने परिवार को बताया था कि टीम बुधवार दोपहर तक पहुंचेगी; टीम इससे पहले ही मानसा आ गई।
मामले की पृष्ठभूमि: नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को मानसा में हुई थी। वह एक मेडिकल स्टोर पर नशीले पदार्थ बेचे जाने के आरोप को लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान गोलीबारी हुई। नशीले पदार्थों की बिक्री का आरोप और हत्या से जुड़े अन्य पहलू जांच का विषय हैं।
घटना के बाद आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें जुटी थीं। मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से पकड़ा गया था। मंगलवार को आरोपी को भागने में मदद करने के आरोप में एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया था।