پورا بھارت · اردو
▤   پورا بھارتدیش کی آوازمکمل تصویرقومی ایڈیشن
⌖ پورا بھارت

शिलांग के स्थानांतरित रेहड़ी विक्रेताओं को ₹20,000 सहायता, पहली किश्त ₹10,000

देश की आवाज़ न्यूज डेस्क | शिलांग, 16 सितंबर 2026। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 14 सितंबर को शिलांग के बारिक और धनखेती के निर्धारित विक्रय क्षेत्रों में स्थानांतरित हुए रेहड़ी और सड़क विक्रेताओं को पुनर्वास सहायता दी। घोषित व्यवस्था के अनुसार पात्र विक्रेता को कुल ₹20,000 मिलेंगे: ₹10,000 की पहली किश्त सीधे खाते में और फिर पाँच महीने तक ₹2,000 प्रतिमाह। पहली किश्त की घोषणा का मतलब हर लाभार्थी के खाते में भुगतान पहुँचने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

शहर के व्यस्त फुटपाथों से विक्रेताओं को तय बाजारों में स्थान देने की प्रक्रिया 2025 से कई चरणों में चली। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक कुल 785 विक्रेताओं को छह स्थानों में जगह दी गई है; यह कुल पुनर्वास संख्या है, 14 सितंबर को भुगतान पाने वालों की पुष्ट संख्या नहीं। सहायता का उद्देश्य नई जगह पर कारोबार शुरू करने और बदलाव के दौरान खर्च सँभालने में मदद करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रेताओं की आजीविका और पैदल चलने वालों के लिए रास्ते, दोनों को ध्यान में रखा जा रहा है। घोषित बाजारों में शौचालय और बैठने जैसी सुविधाएँ विकसित करने की योजना का उल्लेख हुआ; हर सुविधा पूरी हो चुकी है, ऐसा कहना फिलहाल संभव नहीं है। ग्राहकों का नए बाजारों तक पहुँचना पुनर्वास की वास्तविक सफलता तय करेगा।

विक्रेताओं को अपनी पात्रता, बैंक खाते के विवरण, किस्तों की स्थिति और निर्धारित स्थान की जानकारी शहरी मामलों के विभाग तथा स्थानीय निकाय से जाँचनी चाहिए। ₹20,000 का आंकड़ा प्रत्येक पात्र व्यक्ति के लिए घोषित कुल सहायता है, एकमुश्त नकद भुगतान नहीं।