नागपट्टिनम, 13 सितंबर। तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा में इस साल पानी की कमी से नागपट्टिनम जिले की कुरुवई धान की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिला स्तर के अधिकारियों के अनुमान के अनुसार इस मौसम में सरकारी धान खरीद करीब 5,000 मीट्रिक टन रह सकती है, जबकि पिछले साल लगभग 1.30 लाख मीट्रिक टन थी। यह लगभग 96 प्रतिशत गिरावट का अनुमान है; अंतिम खरीद का आँकड़ा नहीं।
जिले में कुरुवई की खेती पिछले वर्ष करीब 30,000 हेक्टेयर में हुई थी, जबकि इस वर्ष लगभग 1,720 हेक्टेयर तक सीमित रही। मेट्टूर बाँध से सिंचाई जल पहुँचने में देरी, कम बारिश और कई इलाकों में खारे भूजल को इसकी प्रमुख वजह बताया गया है। जून में जिला प्रशासन ने 17,660 हेक्टेयर खेती का लक्ष्य रखा था; वास्तविक बोया गया क्षेत्र उससे काफी कम रहा।
खरीद का अनुमान घटने के कारण इस मौसम में 12 प्रत्यक्ष खरीद केंद्र खोलने की योजना बताई गई है, जबकि पिछले वर्ष ऐसे 120 से अधिक केंद्र थे। किसानों के लिए अब सांबा फसल की सिंचाई भी चिंता का विषय है। खरीद मौसम सितंबर से दिसंबर तक चलेगा; आने वाले महीनों की बारिश और पानी की आपूर्ति के अनुसार अंतिम स्थिति बदल सकती है।