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ओडिशा बाढ़: नदियों का जलस्तर घटा, कई गाँव अब भी जलमग्न; राहत कार्य जारी

1 अक्टूबर 2026 का अपडेट — 29 सितंबर की स्थिति: अधिकारियों के अनुसार, महानदी समेत ओडिशा की प्रमुख नदियों का जलस्तर 29 सितंबर को खतरे के निशान से नीचे आ गया, लेकिन कई गाँवों में पानी भरा रहा और लोग राहत शिविरों में थे। यह विवरण 30 सितंबर को सामने आया था।

बालेश्वर में 15 और जाजपुर में 19 राहत शिविर चल रहे थे। भद्रक के पाँच प्रखंडों में सालंदी नदी की बाढ़ से 172 गाँव प्रभावित बताए गए। जगतसिंहपुर तथा अन्य जिलों में भी लोगों ने शिविरों और ऊँचे स्थानों पर आश्रय लिया था।

राहत कार्य के लिए गंजाम, गजपति, नबरंगपुर और झारसुगुड़ा को कुल 10 करोड़ रुपये जारी किए गए। अधिकारियों के मुताबिक राशि मकान सहायता, फसल नुकसान सहायता और शिविर खर्च के लिए है। राशि जारी होना हर परिवार को भुगतान मिल जाने की पुष्टि नहीं है।

इन आँकड़ों को 1 अक्टूबर की नई जलस्तर रीडिंग न समझें। स्थानीय यात्रा से पहले प्रशासन की वर्तमान सूचना देखें।

पिछला विवरण

28 सितंबर 2026 का अपडेट: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 27 सितंबर को गंजाम, कोरापुट और नबरंगपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने कोरापुट के कोटपाड़ क्षेत्र में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत शिविर में भोजन, पेयजल, शिशु आहार तथा दवाओं की व्यवस्था देखी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी 27 सितंबर को राहत, बचाव और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देशों की जानकारी दी।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, राहत शिविरों में रह रहे परिवारों को 15 दिन तक भोजन, राशन, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान दिया जाएगा। नुकसान का आकलन और जिलाधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसे सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिल जाने की पुष्टि न मानें।

कंधमाल–गंजाम सीमा के कलिंग घाट में भूस्खलन के बाद यातायात बाधित होने की स्थिति की भी समीक्षा हुई। जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख के अनुसार इंद्रावती, कोलाब, बालीमेला, ऋषिकुल्या और वंशधारा का जलस्तर घटकर खतरे के स्तर से नीचे आया था। यह 27 सितंबर की स्थिति है; इससे सभी स्थानीय रास्तों और निचले इलाकों का सुरक्षित होना साबित नहीं होता।

पिछले अपडेट: तारीख के अनुसार स्थिति

27 सितंबर 2026 का अपडेट: मौसम विभाग के भुवनेश्वर केंद्र ने 27 सितंबर को जारी ओडिशा के उपखंड स्तरीय बुलेटिन में 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक कोई मौसम चेतावनी नहीं दिखाई है। इसका अर्थ नदियों का जलस्तर सामान्य हो जाना या सभी स्थानीय रास्तों का सुरक्षित होना नहीं है।

26 सितंबर सुबह की जानकारी में अखुआपदा में बैतरणी और बालेश्वर जिले के मथानी में जलका नदी खतरे के स्तर से ऊपर बताई गई थीं। निचले इलाकों में पानी भरने और दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों में भूस्खलन से सड़क संपर्क प्रभावित होने की सूचना थी। ये 26 सितंबर की स्थितियां हैं; 27 सितंबर का नया नदी जलस्तर अभी इस लेख में पुष्ट नहीं है।

26 सितंबर को कटक, मलकानगिरि, नबरंगपुर और नुआपड़ा में तथा भद्रक के सात प्रखंडों के 399 स्कूलों में बंदी की सूचना थी। इसे आगे के दिनों की बंदी का आदेश न मानें। स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचना देखकर ही यात्रा या स्कूल संबंधी निर्णय लें।

पहले जारी राहत संबंधी जानकारी

25 सितंबर 2026 का अपडेट: ओडिशा में भारी बारिश से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में पका हुआ भोजन और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने 24 सितंबर को जारी जानकारी में शिविरों में आश्रय लेने वाले ग्रामीणों की जरूरतें पूरी करने के लिए राहत कार्य जारी होने की बात कही।

राहत की तैयारी में क्या बताया गया

इससे पहले 23 सितंबर की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विभागों और जिला प्रशासन को लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। सरकारी विवरण के अनुसार, संभावित प्रभावित जिलों के लिए 33 ODRAF टीमों को तैयार रखा गया था और छत्रपुर में नौ अतिरिक्त टीमें आरक्षित थीं। NDRF और अग्निशमन सेवा की तैयारी की भी समीक्षा हुई।

जिला और प्रखंड नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे चालू रखने, आश्रय केंद्र तैयार करने तथा सूखा भोजन, शिशु आहार, दवा और पेयजल का इंतजाम करने की जानकारी दी गई। नदियों के जलस्तर की निगरानी और शहरी जलभराव निकालने के लिए पंप लगाने की व्यवस्था भी बताई गई।

पुरानी चेतावनी को वर्तमान पूर्वानुमान न समझें

इस लेख में पहले 23–24 सितंबर के लिए जारी प्रारंभिक वर्षा पूर्वानुमान था। वह अवधि समाप्त हो चुकी है। ऊपर दिया राहत विवरण 23 और 24 सितंबर की सरकारी सूचनाओं पर आधारित है; इसे 25 सितंबर या आगे के दिनों की नई मौसम चेतावनी न समझें। यात्रा और समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ताजा सलाह देखें।