प्रॉपर्टी TDS नियम में 1 अक्टूबर 2026 से होने वाला बदलाव अनिवासी विक्रेता से संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार के लिए प्रक्रिया आसान करेगा। ऐसे पात्र सौदे में खरीदार को अलग टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर यानी TAN लेने की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन जहाँ कर कटौती लागू है, वहाँ TDS काटने और जमा करने की जिम्मेदारी बनी रहेगी।
इसलिए इस बदलाव का अर्थ घर की खरीद पर कर कटौती समाप्त होना नहीं है। राहत अनुपालन के लिए अलग नंबर लेने की प्रक्रिया में है। भुगतान से जुड़ी सही जानकारी, लागू कटौती और उसकी रिपोर्टिंग अब भी जरूरी रहेगी। नई व्यवस्था शुरू होने की तारीख 1 अक्टूबर है; सितंबर में इसे पहले से लागू मानना सही नहीं होगा।
प्रॉपर्टी TDS नियम में किस खरीदार को मिलेगी राहत
वित्त अधिनियम, 2026 की धारा 87 के जरिए आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 397 में यह बदलाव किया गया है। इसमें निवासी व्यक्तिगत खरीदार और HUF के उन लेनदेन को शामिल किया गया है, जहाँ अनिवासी से अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर निर्धारित प्रावधान के तहत कर काटना आवश्यक है।
यह सभी खरीदारों के लिए हर प्रकार के भुगतान पर TAN से सामान्य छूट नहीं है। खरीदार की श्रेणी और विक्रेता की कर-निवास स्थिति दोनों महत्वपूर्ण हैं। किसी विक्रेता के पास भारतीय PAN होने भर से उसका निवासी या अनिवासी दर्जा तय नहीं होता। उसी तरह किसी कंपनी द्वारा खरीद को व्यक्तिगत खरीदार की इस छूट के समान नहीं समझना चाहिए।
Form 141 में नया Schedule E
22 सितंबर की अधिसूचना संख्या 121/2026 ने संबंधित नियमों और फॉर्म में बदलाव किए हैं। Form 141 में अलग Schedule E जोड़ा गया है। यह अनिवासी विक्रेता से संपत्ति खरीद के भुगतान पर कटे कर की जानकारी दर्ज करने के लिए है। Form 132 में भी इस प्रकार के लेनदेन को शामिल किया गया है।
नए विवरण में संपत्ति का पता और प्रकार, सौदे की कुल रकम, स्टांप ड्यूटी मूल्य, खरीदारों तथा विक्रेताओं का हिस्सा और भुगतान की जानकारी शामिल होगी। एकमुश्त भुगतान और किस्तों का अंतर भी दर्ज करना होगा। एक से अधिक कर काटने वाले खरीदार होने पर प्रत्येक को अलग फॉर्म दाखिल करना है।
विक्रेता का विदेश का पता, संपर्क नंबर और ईमेल PAN उपलब्ध होने पर भी देने होंगे। PAN न होने पर नियमों के अनुसार कर-निवास प्रमाणपत्र और विदेशी कर पहचान से संबंधित अतिरिक्त विवरण की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए केवल खरीदार का PAN तैयार रखना पूरी प्रक्रिया का विकल्प नहीं है।
सौदे में क्या ध्यान रखना होगा
निवासी विक्रेता से खरीद की व्यवस्था को बिना जाँच अनिवासी विक्रेता पर लागू करने से गलत कटौती हो सकती है। नई अधिसूचना को सभी संपत्ति सौदों के लिए एक समान दर या शून्य TDS की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए। कर की सही राशि संबंधित लेनदेन पर लागू प्रावधानों से तय होगी।
व्यावहारिक रूप से खरीदार को सौदे और भुगतान का रिकॉर्ड, विक्रेता की कर-निवास जानकारी तथा कटौती का हिसाब साथ रखना होगा। तारीखों के आसपास होने वाले लेनदेन में भुगतान के समय लागू प्रक्रिया का ध्यान रखना भी जरूरी है। इस सुधार से अलग TAN की औपचारिकता कम होगी, जबकि टैक्स की गणना और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी जारी रहेगी।


